
राजस्थान रोडवेज। फोटो- पत्रिका
बांसवाड़ा. बस स्टैंड पर खड़े एक यात्री को बांसवाड़ा से अजमेर जाने के लिए स्लीपर का टिकट बुक कराना था। वे बुकिंग काउंटर पर पहुंचे, लेकिन तीनों बुकिंग काउंटर पर कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। पूछताछ कार्यालय पर गए तो कहा कि दीवार पर वेबसाइट लिखी हुई है, ऑनलाइन टिकट बना लो…।
जानकारी नहीं होने पर भी इन्होंने जैसे-तैसे टिकट बनाने की कोशिश की तो पता चला कि महिला के लिए छूट वाला प्रावधान ऑनलाइन टिकट में नहीं आ रहा है। इस दौरान वे कभी बस परिचालक तो कभी रोडवेज बस स्टैंड पर कर्मचारियों के चक्कर लगाते नजर आए।
रोडवेज बस स्टैंड पर ऑफलाइन टिकट बुक नहीं होने का यह पहला मामला नहीं है। आए दिन सैंकड़ों यात्री एंड्राइड मोबाइल नहीं होने अथवा ऑनलाइन एप्लीकेशन का ज्ञान नहीं होने से परेशान हो रहे हैं। रोडवेज बसों में लंबी दूरी का आरक्षित सफर उन यात्रियों के लिए मुश्किल हो गया है, जो ऑनलाइन टिकट बनाना नहीं जानते। मजबूरन कई लोग प्राइवेट बसों का सहारा ले रहे हैं।
रोडवेज से मिली जानकारी के अनुसार बुकिंग खिड़कियों पर कर्मचारियों की कमी के चलते यहां ऑफलाइन टिकट बुकिंग नहीं हो पा रही है। कभी-कभार कोई परिचालक बैठकर यात्रियों के टिकट बना दे तो ठीक है। नहीं तो यात्रियों को टिकट के लिए भटकना ही पड़ता है अथवा बस में सफर के दौरान उन्हें अपना टिकट बनवाना पड़ता है। ऐसे में लंबी दूरी के यात्रियों को आरक्षित टिकट नहीं मिलने से ज्यादा परेशानी हो रही है।
पूछताछ कार्यालय पर नहीं मिलता जवाब, बता देते हैं बेवसाइट यात्रियों का कहना है कि रोडवेज की बुकिंग पूछताछ पर जब आरक्षित टिकट बुकिंग के लिए पूछा जाता है तो दीवार पर लिखी वेबसाइट को बता देते हैं और ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए कहते हैं।
उन्हें भी बुधवार को लेकिन ऑनलाइन की जानकारी नहीं रखने वाले यात्री इस दौरान घंटों तक भटकते रहते हैं। बुधवार और गुरुवार को कुछ यात्री लंबी दूरी की यात्रा के लिए भटकते दिखाई दिए। लेकिन ये ऑनलाइन टिकट नहीं बनवा पाए।
अजमेर का आरक्षित टिकट कराने के लिए बुधवार को बेटी को बुकिंग काउंटर पर भेजा था। किसी कर्मचारी के नहीं होने पर उसे कहा कि गुरुवार को सुबह 7 बजे आना, बुकिंग करा देंगे। सुबह आए तो बोले दीवार से वेबसाइट नोट कर लो और ऑनलाइन टिकट बना लो। लेकिन उन्हें टिकट बनाना नहीं आता, इसलिए परेशान हो रहे हैं।
मुझे रतलाम होते हुए आगे जाना है। लेकिन टिकट काउंटर पर टिकट बुक करने के लिए कोई नहीं है। कोई कह रहा है कि ऑनलाइन बना लो तो पूछताछ कार्यालय पर कह रहे हैं कि बस में ही टिकट बन जाएगा। अब सीट की कोई गारंटी नहीं दिख रही। एडवांस टिकट बुक हो जाता तो सीट का आरक्षण मिल जाता और सफर में परेशानी नहीं होती। उषा, महिला यात्री
अलग से कोई कर्मचारी नहीं है। जो भी व्यवस्था होती है, उसी अनुसार लगा देते हैं और ऑनलाइन टिकट का विकल्प हमारे यहां उपलब्ध है।
Published on:
06 Feb 2026 03:44 pm
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