28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब गुजारिश नहीं, पंचायती राज चुनाव का बहिष्कार या NOTA, गुर्जर नेता विजय बैंसला ने क्यों बोली ऐसी बात

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक विजय सिंह बैंसला ने ऐलान किया है कि अब ज्ञापन और गुजारिश नहीं, पंचायतीराज चुनाव के बहिष्कार या नोटा का बटन दबाकर ओबीसी वर्ग अपने वजूद का अहसास कराएगा।

2 min read
Google source verification
vijay bansla

बांसवाड़ा के माही रेस्ट हाउस में पत्रकारों से मुखातिब गुर्जर नेता विजय सिंह बैंसला. Photo- Patrika

बांसवाड़ा। राजस्थान में बांसवाड़ा-डूंगरपुर सहित टीएसपी क्षेत्र को आरक्षण से वंचित रखने पर ओबीसी वर्ग के विभिन्न समाज बांसवाड़ा में लामबंद हैं। इसे लेकर जिले के दौरे पर आए गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक विजय सिंह बैंसला ने ऐलान किया है कि अब ज्ञापन और गुजारिश नहीं, पंचायतीराज चुनाव के बहिष्कार या नोटा का बटन दबाकर ओबीसी वर्ग अपने वजूद का अहसास कराएगा।

ओबीसी अधिकार मंच के बैनर तले यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बैंसला ने कहा कि टीएसपी जिलों को छोड़कर पूरे राजस्थान में ओबीसी को आरक्षण का लाभ मिल रहा है, लेकिन इन चुनिंदा जिलों में 45 फीसदी अजा और 5 फीसदी जजा आरक्षण कोटे के दीगर, 50 फीसदी केप किए जाने से ओबीसी के अभ्यर्थियों को कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, राज्य के अन्य जिलों में ओबीसी-एमबीसी को आरक्षण मिल रहा है।

एक ही मापदंड पर अलग-अलग व्यवस्था

इकोनॉमिक अर्बन इंडेक्स 2003 के अनुसार बांसवाड़ा में 7 और डूंगरपुर में 6.8 फीसदी ओबीसी की है, जबकि कोटा में 60 फीसदी होकर भी आरक्षण देय है। एक ही मापदंड पर प्रदेश के इलाकों में अलग-अलग व्यवस्था से ओबीसी और एमबीसी के बच्चे दो-दो अंकों से प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करने से टल रहे हैं, वहीं राजनीतिक दृष्टि से भी पिछड़े में भी पिछड़ापन बना हुआ है।

इससे बात अब ओबीसी के जनरेशन और राजनीतिक वजूद की है। इसके मद्देनजर सर्व समाज पंचायती राज चुनाव से पहले अब गांव-गांव में बैठक कर निर्णय करेगा। इसमें चुनाव से पहले आरक्षण नहीं देने पर चुनाव बहिष्कार या नोटा पर बटन दबाकर उन जनप्रतिनिधियों को हैसियत बताई जाएगी, जिसके बूते वे चुनावों में कोरे आश्वासन देकर जीतते रहे हैं।

कांग्रेस हो या भाजपा की सरकार, मंत्रियों-नेताओं ने आश्वासन ही दिए

इस अवसर पर ओबीसी अधिकार मंच के जिलाध्यक्ष लोकेंद्र गुर्जर, नगर अध्यक्ष लक्ष्मीकांत भावसार और गुर्जर समाज अध्यक्ष देवीलाल गुर्जर ने पंचायतीराज के अधीन जिला परिषद और पंचायत समिति वार आरक्षित सीटों का जिक्र कर कहा कि अनारक्षित सीटों में ओबीसी की जनसंख्या को देखते हुए सीटें देने की मांग पर लगातार ज्ञापन दिए गए।

कांग्रेस हो या भाजपा की सरकार, मंत्रियों-नेताओं ने आश्वासन ही दिए हैं, लेकिन ओबीसी के हित में कदम नहीं उठाया। इससे टीएसपी क्षेत्र में भावसार, लबाना, गुर्जर, रेबारी, पाटीदार, माली, राजभोई, सोनी, रावणा राजपूत ,कलाल, तेली , तंबोली सहित दर्जनों ओबीसी वर्ग की जातियों के युवाओं में रोष है।

वार्ता के दौरान भावसार समाज से राजेश भावसार, पवन कुमार, राजमल भाई , हीरालाल रेबारी, भारत रेबारी, रमेशचंद्र पाटीदार जिलाध्यक्ष पाटीदार समाज, डॉ. नरेश पाटीदार, प्रदीप सोनी अध्यक्ष सोनी समाज, एडवोकेट पंकज बरोड़ीया, लबाना समाज से प्रो. खुशपालसिंह दांतला, फतेह सिंह डांगर, गिरवरसिंह लबाना, नाथूलाल पाटीदार संरक्षक ओबीसी अधिकार मंच, महिपाल पाटीदार जिला अध्यक्ष, गुर्जर समाज से कंवरलाल गुर्जर, मनीष गुर्जर आदि मौजूद थे।

Story Loader