AI-generated Summary, Reviewed by Patrika
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बरेली। बाकरगंज डंपिंग ग्राउंड पर जमे लीगेसी वेस्ट के निस्तारण के नाम पर पिछले चार वर्षों में करीब 7 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन हालात आज भी जस के तस हैं। कचरे का पहाड़ जस का तस खड़ा है और नगर निगम के दावे कागजों से बाहर नहीं निकल पा रहे।
नगर निगम ने 2200 मीट्रिक टन प्रतिदिन कचरा निस्तारण का दावा किया, लेकिन जीपीएस और ड्रोन सर्वे ने इन दावों की पोल खोल दी। रिपोर्ट के मुताबिक बाकरगंज में कचरे का अंबार आज भी उतना ही खड़ा है, जितना वर्षों पहले था।
निगम कर्मियों के अनुसार शहर से रोजाना करीब 450 मीट्रिक टन नया कचरा डंपिंग ग्राउंड पर पहुंच रहा है। इससे निस्तारण के तमाम दावों के बावजूद समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। नगर निगम का कहना है कि बाकरगंज प्लांट पर प्रतिदिन 1700 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया है, जबकि सरायतल्फी के पास 500 मीट्रिक टन क्षमता का अतिरिक्त प्लांट स्थापित किया गया है।
ड्रोन सर्वे के अनुसार बाकरगंज डंपिंग ग्राउंड पर अब भी 6.59 लाख मीट्रिक टन से अधिक कचरा मौजूद है। वहीं, सरायतल्फी एसटीपी के पास करीब 22 हजार मीट्रिक टन कूड़ा जमा है। जून 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच करीब 6.10 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण का दावा किया गया, लेकिन इसी अवधि में 432 दिनों में 1.94 लाख मीट्रिक टन नया कचरा पैदा हो गया।
बाकरगंज में कूड़े के निस्तारण के लिए 8 पोकलेन, 1 जेसीबी और 5 वाहन किराये पर लगाए गए हैं। इन पर हर माह करीब 1.13 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद कचरे का पहाड़ कम होने के बजाय और मजबूत होता नजर आ रहा है।
नगर निगम की योजना सथरापुर में प्रस्तावित 500 टीपीडी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के संचालन तक बाकरगंज में ही रोजाना पैदा हो रहे 450 मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस करने की है। इसके लिए मार्च 2026 तक करीब 5 करोड़ रुपये और खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
02 Jan 2026 01:31 pm


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