
बरेली। निपुण भारत मिशन की आड़ में शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार का नया खेल सामने आया है। बिथरी चैनपुर के प्राथमिक विद्यालय परेवा कुईया में आकलन करने आए डीएलएड प्रशिक्षु रोहित और सुमित का वीडियो सोशल मीडिया और शिक्षक ग्रुपों में वायरल हो गया। वीडियो में प्रशिक्षु कह रहे हैं, दस-पांच हजार आपके लिए बड़ी बात नहीं, और आपका विद्यालय भी निपुण हो जाएगा।
जैसे ही यह वीडियो बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक ग्रुपों में साझा हुआ, विभाग में हड़कंप मच गया। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या वास्तव में विद्यालय निपुण हो रहे हैं या यह सिर्फ प्रशिक्षुओं की रिश्वतखोरी का नतीजा है। शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर अब बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है।
इस मामले पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के विनोद कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि शनिवार को प्रतिनिधि मंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगा। इसके साथ ही परिषद के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की भी कवायद शुरू की जाएगी।
सिर्फ बिथरी चैनपुर ही नहीं, जिले के अन्य ब्लॉकों से भी ऐसी घटनाओं की जानकारी मिल रही है। शिक्षक संगठन अब खुलकर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि निपुण आकलन के नाम पर यह खेल सीधे बच्चों और विद्यालयों की प्रगति को प्रभावित करता है।
यह वीडियो आम जनता के सामने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है। क्या वास्तव में विद्यालय गुणवत्ता के आधार पर निपुण हो रहे हैं या रिश्वत देने के बाद निपुणता का ठप्पा लग जाता है। यह सवाल अब विभाग और शिक्षकों की ईमानदारी पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है।
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Published on:
30 Jan 2026 09:58 pm
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