
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप नाथनगरी में धार्मिक पर्यटन को गति देने के लिए विकसित हो रहे नाथ कॉरिडोर के साथ-साथ अब खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत शहर के सौ फुटा रोड पर 3.01 करोड़ रुपये की लागत से कामन इन्क्यूबेशन सेंटर (सीआईसी) स्थापित किया गया है।
एक फरवरी को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी से इसका वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। परियोजना के तहत एक करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक भवन का निर्माण कराया गया है, जबकि 1.86 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीनें स्थापित की गई हैं। इसके अलावा 25 लाख रुपये से फूड टेस्टिंग लैब भी तैयार कराई गई है, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी।
यहां दूध, टमाटर और बेकरी उत्पादों का प्रसंस्करण होगा। दूध से पनीर, खोवा, रबड़ी और मिठाइयां तैयार की जाएंगी। टमाटर की प्रोसेसिंग कर सॉस और प्यूरी बनाई जाएगी। वहीं बेकरी सेक्शन में ब्रेड, कुकीज, टोस्ट और पास्ता तैयार किए जाएंगे। कामन इन्क्यूबेशन सेंटर में लघु उद्यमी अपना कच्चा माल लाकर न्यूनतम शुल्क पर उत्पाद तैयार कर सकेंगे। मशीनों की क्षमता के अनुसार न्यूनतम कच्चे माल की मात्रा तय होगी। इससे छोटे कारोबारियों को बाजार तक पहुंच बनाने में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
राष्ट्रीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी प्रधानाचार्य, अंशिल सिन्हा ने बताया कि बरेली युवाओं के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने का यह बेहतर मंच होगा। साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा। केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी ग्ली इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। एक फरवरी को होने वाले वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होंगे।
Published on:
31 Jan 2026 07:52 pm
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