
फोटो-पत्रिका
बाड़मेर। बाड़मेर की जिला कलक्टर टीना डाबी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला बयाना विधायक डॉ. ऋतु बनावत से जुड़े डीपफेक वीडियो प्रकरण से जुड़ा है। विधायक बनावत ने आरोप लगाया है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ उन्होंने डीपफेक वीडियो वायरल करने को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी, उसी मुख्य आरोपी को बाड़मेर जिला प्रशासन ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित कर दिया।
विधायक का दावा है कि आरोपी दिनेश मांजू को प्रशासनिक मंच से सम्मानित किया जाना न सिर्फ पीड़ित के साथ अन्याय है, बल्कि इससे जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
इस मामले पर एक वीडियो बयान जारी करते हुए डॉ. ऋतु बनावत ने कहा कि वह इसे राजस्थान विधानसभा में उठाएंगी। उन्होंने सवाल किया कि जिस व्यक्ति पर गंभीर आरोप दर्ज हों, उसे किस आधार पर सम्मानित किया गया। विधायक ने स्पष्ट किया कि ऐसे फैसले समाज में गलत संदेश देते हैं और पीड़ित के अधिकारों को कमजोर करते हैं।
वहीं, इस प्रकरण में मुख्य आरोपी बताए जा रहे दिनेश मांजू ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगने से कोई दोषी नहीं हो जाता। उनका दावा है कि वे पर्यावरण संरक्षण, खेजड़ी वृक्ष और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार काम करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। साथ ही उन्होंने आरोपों को लेकर मानहानि की चेतावनी भी दी है।
गौरतलब है कि जनवरी 2024 में बयाना विधायक डॉ. ऋतु बनावत ने उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर बनाए गए डीपफेक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत दर्ज कराई थी। विधायक ने बताया था कि फर्जी वीडियो के जरिए उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
यह वीडियो अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट्स से रील के रूप में शेयर किया गया था। मामला सामने आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए भरतपुर आईजी से रिपोर्ट तलब की थी और 23 जनवरी तक जांच रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे।
Updated on:
29 Jan 2026 04:34 pm
Published on:
29 Jan 2026 04:18 pm
बड़ी खबरें
View Allबाड़मेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
