
Rajasthan Police Constable Mumtaz. Photo- Patrika
Success Story: शिव/बाड़मेर। शिव क्षेत्र की जूनजों की बस्ती निवासी मुमताज ने विषम परिस्थितियों के बावजूद निरंतर संघर्ष करते हुए सफलता का मुकाम हासिल किया है। मुमताज की कहानी उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच भी बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।
मुमताज की उम्र महज छह माह थी, जब पिता लतीफ खान का साया सिर से उठ गया। परिवार में छह बहनें हैं, जिनमें मुमताज सबसे छोटी है।
भाई नहीं होने के बावजूद मुमताज ने कभी हालात को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी माता मेरादी से उच्च शिक्षा प्राप्त करने की जिद ठान ली।
मां मेरादी और चचेरे भाई अमरदीन ने मुमताज की लगन और जज़्बे को समझते हुए उन्हें आगे पढ़ाने का निर्णय लिया। कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ मुमताज ने अपनी जरूरतों के लिए काम भी किया, ताकि परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।
कठिन परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनते हुए उन्होंने शिक्षा को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया।
वर्तमान में मुमताज एम.ए. और बी.एड. की योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं तथा व्याख्याता बनने की तैयारी कर रही हैं।
उनकी मेहनत का फल वर्ष 2024 में तब मिला, जब उन्होंने जैसलमेर जिले में आयोजित पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में ओबीसी वर्ग में दूसरी रैंक तथा जिले में 25वीं रैंक प्राप्त कर सफलता हासिल की। अब उनकी प्रशिक्षण अवधि भी पूर्ण हो चुकी है।
मुमताज बताती हैं कि उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी से मिली। उन्होंने कहा कि कठिनाइयां चाहे जितनी भी हों, यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
Published on:
05 Feb 2026 02:50 pm
बड़ी खबरें
View Allबाड़मेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
