AI-generated Summary, Reviewed by Patrika
AI-generated Summary, Reviewed by Patrika

बैतूल। शहर में आवारा मवेशियों की धरपकड़ नहीं होने से आमजन की जान पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। बुधवार सुबह कोठीबाजार क्षेत्र में इसी लापरवाही का नतीजा सामने आया, जब बीच सडक़ पर दो आवारा सांड आपस में भिड़ गए। अचानक हुए इस तांडव से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में निर्माण कार्य कर रही दो महिला मजदूरों समेत तीन लोग घायल हो गए, जबकि करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह के समय सडक़ किनारे निर्माण कार्य चल रहा था। तभी नगर पालिका की अनदेखी के चलते खुलेआम घूम रहे दो सांड एक-दूसरे पर हमला करते हुए सडक़ के बीच आ गए। सांडों के सींगों और जोरदार टक्करों से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। एक सांड ने पास में काम कर रही महिला मजदूर को टक्कर मार दी, जिससे वह सडक़ पर गिर पड़ी। वहीं दो अन्य महिलाएं भी चपेट में आकर घायल हो गईं। सडक़ से पैदल गुजर रहा एक व्यक्ति सांडों के पैरों तले कुचल गया और बेहोश हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सांडों को भगाने के लिए डंडे चलाए और पानी डाला, लेकिन काफी देर तक सांड काबू में नहीं आए। भय के कारण वाहन चालकों ने जहां-तहां वाहन रोक दिए, जिससे कोठीबाजार क्षेत्र में लंबा जाम लग गया। सूचना के बाद घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नगर पालिका द्वारा आवारा मवेशियों की धरपकड़ आखिर क्यों नहीं की जा रही है। शहर के प्रमुख बाजार और सडक़ों पर सांडों व गायों का खुलेआम घूमना अब आम बात हो गई है, जिससे रोजाना हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका और प्रशासन से मांग की है कि लापरवाही छोडकऱ तुरंत ठोस कार्रवाई की जाए, अन्यथा किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा।
धरपकड़ के बाद भी सडक़ों पर घूम रहे मवेशी
नगरपालिका द्वारा अवारा मवेशियों की धरपकड़ करने के लिए बीच में अभियान भी चलाया गया था, लेकिन तीन-चार दिन अभियान चलने के बाद अचानक बंद कर दिया गया। जिसके कारण स्थिति पुन: जस की तस हो गई। सडक़ों पर अवारा मवेशी बेखौफ घूमते हुए नजर आते हैं। मवेशियों के आपस में दंद्व किए जाने के कारण आम लोगों को हादसों का शिकार होना पड़ रहा है। मंगलवार को कोठीबाजार में हुई घटना ने नपा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

क्या आपको लगता है कि यह टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?

लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Updated on:
23 Dec 2025 09:26 pm
Published on:
23 Dec 2025 09:25 pm


यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है... यह निर्णय वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।
हाँ, ये सोचने वाली चीज़ है
दिलचस्प विचार! आइए इस पर और चर्चा करें।