31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan : भरतपुर के प्रोफेसर दूल्हे ने पेश की अनोखी मिसाल, दहेज के 21 लाख किए वापस, सिर्फ एक रुपए में की सगाई

Rajasthan : भरतपुर के एक प्रोफेसर दूल्हे डॉ. अक्षांश भारद्वाज ने एक अनोखी मिसाल पेश की। उन्होंने दहेज में आए 21 लाख रुपए वापस कर दिए। उन्होंने कहा हमारा परिवार दहेज विरोधी है। परिवार ने सिर्फ एक रुपए का सिक्का और नारियल लेकर सगाई की।

2 min read
Google source verification
Rajasthan Bharatpur professor groom set a unique example returning dowry of 21 lakh rupees getting engaged for just one rupee

डॉ. अक्षांश भारद्वाज। फोटो पत्रिका

Rajasthan : राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. अक्षांश भारद्वाज ने शुक्रवार को हुए लगुन सगाई समारोह में अनूठी मिसाल पेश करते हुए दहेज में आए 21 लाख रुपए वापस कर दिए। उन्होंने दहेज में कोई भी नकदी व कीमत उपहार लेने से इंकार करते हुए कहा कि पूरे परिवार ने हमेशा दहेज प्रथा का विरोध किया है और दूसरों को भी प्रेरित किया है।

डॉ. अक्षांश भारद्वाज राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में सहायक आचार्य के पद पर सेवारत हैं। 30 जनवरी को उनका लग्न था। वधू पक्ष की ओर से लगुन का लाखों रुपए का शगुन डॉ. अक्षांश के हाथों पर रखा गया, लेकिन उन्होंने दहेज के रूप में कोई भी राशि नहीं लेने का संकल्प बताते हुए उदाहरण स्थापित किया।

पिता शादी के बोझ तले रहता है दबा

उनके परिजनों ने कहा कि 21वीं सदी का समाज आज भी दहेज जैसी कुप्रथाओं का दंश झेल रहा है वहां नई युवा पीढ़ी की ओर से दहेज को अपने कर्तव्य के माध्यम से समाप्त करने की पहल करना जरूरी है। समाज की कुप्रथा के कारण कन्यादान करने वाला पिता शादी के बोझ तले दबा रहता है।

कैश लौटाकर लिया एक रुपए और नारियल

कैश वापस करके दूल्हे के पिता ने दहेज को सामाजिक बुराई करार दिया। उन्होंने कहा कि हमारा परिवार दहेज विरोधी है। इस तरह परिवार ने एक रुपए का सिक्का और नारियल लेकर लगुन सगाई की।

बड़े पदों पर कार्यरत हैं परिजन

डॉ. अक्षांश भारद्वाज के पिता अनिल कुमार भारद्वाज सेवानिवृत सरकारी अध्यापक व मां अनीता शर्मा अध्यापक हैं। चाचा इंद्रजीत भारद्वाज नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। डॉ. अक्षांश भारद्वाज श्रीरामचरितमानसजी पर शोधकार्य कर चुके हैं। उनके अन्य चाचा अरविंद भारद्वाज सीआई, शिवकुमार भारद्वाज डीएसपी एसओजी, नवीन भारद्वाज नगर निगम आयुक्त पाली, सचिन भारद्वाज एसआई एटीएस जैसे पदों पर कार्यरत हैं। विनीत भारद्वाज सरपंच रहे हैं।

परिजनों ने बताया कि अगर कोई परिवार सक्षम है तो उन्हें दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करना चाहिए। ताकि अन्य बेटी के परिवार को मजबूती मिल सके। आज ऐसी प्रथाओं व मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है।

अक्षांश का माल्यार्पण कर किया स्वागत

वहीं अक्षांश के इस निर्णय को लेकर ब्राह्मण समाज के कौशलेष शर्मा, श्रीब्राह्मण सभा खिरनी घाट के अध्यक्ष डॉ. लोकेश शर्मा, जाटव समाज के मुकेश कुमार पप्पू, जाट समाज के अरविंदपाल सिंह, अग्रवाल समाज के अनुराग गर्ग, गुर्जर समाज के श्रीराम चंदेला एवं कच्चा परकोटा नियमन संघर्ष समिति के संयोजक जगराम धाकड़ ने माल्यार्पण कर साफा बांधकर स्वागत किया।