
Teachers protest against contract appointments in royal colleges
प्रदेश की उच्च शिक्षा में 'राजसेस' सोसायटी के तहत संचालित कॉलेजों की व्यवस्था और संविदा नियुक्तियों के खिलाफ शिक्षकों का गुस्सा अब सड़कों पर आ गया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्राध्यापकों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया।
शिक्षकों ने राज्य सरकार से मांग की है कि राजसेस कॉलेजों में संविदा के आधार पर होने वाली चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और इन कॉलेजों को सामान्य सरकारी कॉलेजों की तरह संचालित किया जाए।
महासंघ ने भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 और राजसेस नियम-2023 में किए जा रहे बदलावों पर कड़ी आपत्ति जताई है। आरोप है कि सरकार अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से 'टीचिंग एसोसिएट' के पदों पर भर्ती करने जा रही है। इसमें 5 साल के लिए 28,500 रुपए का नियत वेतन देने का प्रावधान है। महासंघ का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थाई, असुरक्षित और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के खिलाफ है। इससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता खत्म हो जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान महासंघ ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उनका कहना है कि सत्र 2020-21 से अब तक प्रदेश में कुल 374 राजसेस कॉलेज खोले जा चुके हैं। इनमें से करीब 260 कॉलेजों में आज भी एक भी स्थायी संकाय सदस्य कार्यरत नहीं है। इन कॉलेजों में न तो एकेडमिक ढांचा है और न ही शोध व नवाचार की कोई गुंजाइश।
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव-2023 के बाद सरकार ने राजसेस कॉलेजों के संचालन के लिए सोडाणी समिति का गठन किया था। विडंबना है कि अब तक न तो समिति की सिफारिशें सार्वजनिक की गईं और न ही उन्हें लागू किया गया।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि सोडाणी समिति की सिफारिशें लागू नहीं की गईं और संविदा भर्ती नहीं रोकी गई, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
प्रदर्शन में महासंघ के प्रदेश सचिव डॉ. कश्मीर भट्ट, जिला सचिव प्रवीण टाक, जिला प्रचार प्रमुख अजय आसेरी, इकाई अध्यक्ष डॉ. संतोष आनंद, डॉ. नेमी चंद कुमावत, डॉ. बीएल जागेटिया, नेहा आंचलिया, डॉ. राजकुमार लड्ढा और भगवान दास सहित कई संकाय सदस्य मौजूद रहे।
Updated on:
04 Feb 2026 08:02 pm
Published on:
04 Feb 2026 08:01 pm
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