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आधार अटका तो पेंशन भटकी, चार माह से 5 हजार बुजुर्गों की पेंशन बंद

शहर में 928 की पेंशन रुकी शहरी क्षेत्र में 928 लोगों की पेंशन रुकी है। इनमें अधिकांश लोग उम्र दराज हैं, जिनके ङ्क्षफगर, रेटिना आधार कार्ड से मैच नहीं कर रहे हैं। ङ्क्षफगर मैच न होने के कारण केवाईसी अधूरी है। नगर पालिका सीएमओ ने 30 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन कर्मचारियों ने वार्डों में कैंप तक नहीं लगाए हैं।

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भिण्ड. कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा अब गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवा हितग्राही भुगत रहे हैं। जिले भर में पांच हजार से अधिक दिव्यांग, वृद्धावस्था, विधवा और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पेंशन चार माह से बंद है। इसकी वजह ई-केवायसी का पूरा न होना है। क्योंकि इनमें से अधिकांश के ङ्क्षफगर या रेटिना नहीं मिल रहे, जिस वजह लोग स्वयं ई-केवायसी नहीं करा पा रहे हैं। इसकी जिम्मेदारी नगरीय क्षेत्रों में नगर परिषद व नगर पालिका कर्मचारियों और पंचायत स्तर पर सचिवों को सौपी गई है। ऐसे में कर्मचारियों ने एसआईआर का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ दिया है।

ग्रामीण इलाकों के हितग्राहियों की अगस्त माह से पेंशन बंद हैं। पेंशनधारी बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। जानकारी के अभाव में अधिकांश लोग बैंक पहुंच जाते हैं, लेकिन वहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पहले आधार कार्ड की ई-केवाइसी करवाएं। शनिवार को शहर के पुरानी गल्लामंडी की एसबीआई में महिलाएं पेंशन लेने के लिए पहुंचीं, तो उनकी केवाइसी अधूरी मिली। इसके बाद उन्होंने नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र पर आधार की केवाइसी निकालकर बैंक में खाते से आधार कार्ड की केवाइसी करवाई, जिसके बाद पात्र महिलाओं की पेंशन जारी की गई।

शहर में 928 की पेंशन रुकी शहरी क्षेत्र में 928 लोगों की पेंशन रुकी है। इनमें अधिकांश लोग उम्र दराज हैं, जिनके ङ्क्षफगर, रेटिना आधार कार्ड से मैच नहीं कर रहे हैं। ङ्क्षफगर मैच न होने के कारण केवाईसी अधूरी है। नगर पालिका सीएमओ ने 30 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन कर्मचारियों ने वार्डों में कैंप तक नहीं लगाए हैं। इसी तरह गोहद, गोरमी, लहार, अकोड़ा, मेहगांव, मालनपुर, रौन, मिहोना और दबोह नगर परिषद क्षेत्र में कर्मचारियों ने केवाइसी को लेकर गंभीरता दिखाई है। स्थिति यह है कि चार-चार माह से पात्रों को पेंशन नहीं मिल रही है।

आधार केन्द्र के लगाना पड़ रहे चक्कर

बसंतपुरा निवासी मीना देवी ने बताया कि चार माह से पेंशन नहीं आ रही है। खाता चेक करवाया तो उसमें पैसे नहीं थे। बैंक पहुंचे तो बताया कि पहले ई-केवाइसी करवाएं। पहले केवाइसी के लिए आधार केंद्रों पर चक्कर काटे, लेकिन वहां ङ्क्षफगर ही मैच नहीं किए। कई बार चक्कर काटने के बाद एक सेंटर पर रेटिना मैच हुई, उसके बाद केवाईसी हो गई। केवाईसी के बाद भी पेंशन नहीं आई तो फिर बैंक पहुंचे, जहां कर्मचारी ने आधार को बैंक खाते से अटैच करने के लिए कहा। इसी तरह से सविता कुमारी निवासी अकलौनी, सोनम देवी निवासी मसूरी, रामकुमार कुशवाह निवासी अटेर रोड की पेंशन केवाइसी के अभाव में रुकी है।
पेंशन योजना का लाभ सभी हितग्राहियों को दिलाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। जो लोग छूटे हैं, उनकी जल्द केवाइसी करवाई जाएगी।
किरोड़ीलाल मीना, कलेक्टर भिण्ड

राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

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लव सोनकर

लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


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टिप्पणियाँ (43)

राहुल शर्मा
राहुल शर्माjust now

यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है... यह निर्णय वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।

राहुल शर्मा
राहुल शर्माjust now

हाँ, ये सोचने वाली चीज़ है

सोनिया वर्मा
सोनिया वर्माjust now

दिलचस्प विचार! आइए इस पर और चर्चा करें।

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