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MP वासियों को लगा बिजली का झटका! नए टैरिफ से पहले ही बढ़ा बिल, 16 रुपए ज्यादा वसूली

Surcharge Hike: नए टैरिफ से पहले ही बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। फरवरी के बिल में फ्यूल सरचार्ज बढ़ने से शहर के लाखों उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।

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भोपाल

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Akash Dewani

Feb 09, 2026

fuel power purchase surcharge hike before new electricity tariff mp news

new electricity tariff (फोटो- Patrika.com)

MP News: नए बिजली टैरिफ (New Electricity Tariff) के लागू होने से पहले ही बिजली कंपनियों ने मध्य प्रदेश के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने की तैयारी कर ली है। फरवरी माह के बिजली बिल में शहर के करीब छह लाख उपभोक्ताओं की जेब से लगभग तीन करोड़ रुपए अतिरिक्त वसूले जाएंगे। यह राशि फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) के तहत वसूली जाएगी, जिसे कंपनियों ने 1.03 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.58 प्रतिशत कर दिया है।

सरचार्ज में होगी बढ़ोतरी

इस सरचार्ज बढ़ोतरी (Surcharge Hike) का सीधा असर उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर पड़ेगा। बिजली कंपनी के अनुसार, प्रति 1,000 रुपए के बिल पर करीब 15 से 16 रुपए तक अधिक चुकाने होंगे। शहर में प्रतिदिन औसतन 75 लाख यूनिट बिजली खपत के आधार पर यह अतिरिक्त भार उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा। दिसंबर और जनवरी में यह सरचार्ज 1.03 प्रतिशत था, जिसे अब मार्च-अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण बढ़े दाम

बिजली कंपनियों का कहना है कि यह सरचार्ज बिजली उत्पादन में उपयोग होने वाले कोयला, गैस और अन्य ईंधनों की लागत के आधार पर तय किया जाता है। जब ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं तो सरचार्ज बढ़ता है और लागत घटने पर इसमें कमी की जाती है। विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुसार, इस तरह का सरचार्ज वर्ष में चार बार संशोधित किया जा सकता है।

हालांकि, लगातार बढ़ते बिजली बिलों को लेकर शहरी क्षेत्रों में असंतोष की स्थिति बनती जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना टैरिफ बढ़े ही हर महीने बिल ज्यादा आ रहा है, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।

अप्रैल से लागू होगा नया टैरिफ

बिजली कंपनियों ने राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष नई दरों के लिए राजस्व याचिका प्रस्तुत की है। इसमें लगभग 10 प्रतिशत तक बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। कंपनियों का दावा है कि उन्हें प्रति कंपनी करीब 2,200 करोड़ रुपए के घाटे का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी भरपाई के लिए दरों में बढ़ोतरी जरूरी है। फिलहाल इस पर सुझाव, आपत्तियां और जनसुनवाई की प्रक्रिया जारी है। आयोग की मंजूरी के बाद अप्रैल 2026 से नया टैरिफ लागू किए जाने की संभावना है। (MP News)