12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा बदलाव, अब किसान और बिल्डर साथ में बनाएंगे नया शहर

MP News: राज्य सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब किसान और डेवलपर मिलकर टाउनशिप विकसित कर सकेंगे। अधिक हरियाली पर ज्यादा एफएआर और जरूरत पड़ने पर सरकारी जमीन भी उपलब्ध कराई जाएगी।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Akash Dewani

Feb 12, 2026

integrated township rules 2026 farmers developers partnership rights government land mp news

integrated township rules 2026 (फोटो- AI)

MP News:प्रदेश में अब बड़े शहरों के पास मूलभूत सुविधाओं वाली इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनने का रास्ता साफ हो गया। शहरों के आसपास किसान/समूह, डेवलपर सहमति से लैंड पुलिंग कर टाउनशिप बना सकेंगे। इसमें नोडल एजेंसी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) मदद करेगा। टाउनशिप के दायरे में सरकारी भूमि आई तो प्रोजेक्ट की जमीन का 20% या अधिकतम 8 हेक्टेयर तक शासन डेवलपर को जमीन आवंटित करेगा। टाउनशिप में मानक से अधिक वनीकरण, गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों, ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर निर्माण होने पर अतिरिक्त एफएआर मिलेगा।

सभी अनुमति नोडल एजेंसी दिलाएगी। प्रस्ताव के 60 दिन में सभी विभागों को अनुमति देनी होगी। इसके बाद अनुमति डीम्ड मानी जाएगी। प्रोजेक्ट टीडीजार प्राप्ति क्षेत्र में रहेंगे। एफए‌आर उपयोग न करने पर बेच सकेंगे। नगरीय विकास विभाग ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप नियम 26 के प्रावधान बुधवार को अधिसुचित कर लागू किया गया। (Integrated Township Rules 2026)

यहां नियम लागू नहीं

बनक्षेत्र के नदी-ताला, तालाब, बांध आदि राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य। रक्षा संपदा क्षेत्र, छावनी बोई। अधिसूचित पर्यावरण ईको संवेदनशील क्षेत्र। खदान, एसईजेड वन्यजीव गलियारा। ऐतिहासिक पुरा स्थलों से प्रभावित स्थल। रेलवे भूमि या जिसे राज्य सरकार ने प्रतिबंधित किया।

यह करना अनिवार्य

  • टाउनशिप डेगालपर का टीएंडसीपी में पंजीयन।
  • पंजीयन शुल्क 50000, नवीनीकरण शुल्क 25000 व प्रमाण-पत्र की वैधता 5 वर्ष जैसी व्यवस्थाएं लागू।
  • कुल क्षेत्र का 2.5%, ग्रीन कवर।
  • टाउनशिप में कुल क्षेत्रफल का 10%, पार्क और खुला क्षेत्र राना अनिवार्य।
  • 15% ईडबल्यूएस-निम्न आय वर्ग के लिए रिजर्व।

10 हेक्टेयर से कम क्षेत्र में नहीं बनेगी टाउनशिप

नगरीय या प्लानिंग परिया क्षेत्र में 5 लाख से कम आबादी वाले शहरों में कॉलोनी विकसित करने के लिए कम से कम 10 हेक्टेयर जमीन और 5 लाख आबादी वाले शहरों में कम से कम 20 हेक्टेयर जमीन और 24 मीटर चौड़ी सड़क की अनिवार्यता होगी। नगरीय निकाय या प्लानिंग एरिया के बाहर इंटीग्रेटेड टाउनशिप 40 हेक्टेयर या अधिक जमीन पर ही बनेगी।

यह साइट राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग या अन्य कम से कम 30 मीटर चौड़ी साधिकार समिति देगी अनुमति सड़क के पास होना जरूरी है। यहा डेवलपर को संबंधित सरकारी विभागों से समन्वय कर जरूरी सुविधाएं जैसे सट्रक, पेयजल, सीवेज, बिजली आदि की व्यवस्था करानी होगी। इसका यार्च डेवलपर उठाएगा। पर्यावरण का भी ध्यान रखोगा।

साधिकार समिति देगी अनुमति

टाउनशिप के प्रस्तावों की जांच और अनुमोदन के लिए ऐसे जिले, जिनमें 5 लाख आबादी वाले शहर है, वहां सचिव नगरीय विकास की अध्यक्षता में और अन्य जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में साधिकार समिति बनेगी। नोडल एजेंसी टीएंडसीपी होगा। आवेदन के 60 दिन में सभी अनुमतियां देनी होंगी। ऐसा न होने पर डीम्ड अनुमति मानी जाएगी। एक से अधिक आवेदन पर ई-बिडिंग प्रक्रिया होगी। (MP News)