
union Budget 2026 mp get bonds booster
Union Budget 2026: केंद्र सरकार के वर्ष 2026-27 के आम बजट से मध्यप्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट मिलेगा, इसके साथ उद्योग, निवेश और नवीकरणीय ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ किया गया है और पूंजीगत सहायता योजना के लिए 2 लाख करोड़ का प्रावधान है। बड़े शहरों द्वारा एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का सिंगल बॉण्ड जारी करने पर सौ करोड़ का प्रोत्साहन केंद्र सरकार देगी। इंदौर और भोपाल नगर निगम इस सहायता से बड़े विकास कार्य करा सकेंगे।
इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जे विनिर्माण योजना को गति देने के लिए बजट बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपए होने से भोपाल जिले के बैरसिया बांदीखेड़ी में 200 एकड़ में विकसित किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को गति मिलेगी। यह 371 करोड़ की योजना है। प्रदेश में उभरते सेमीकंडक्टर सेक्टर को भी लाभ मिलेगा। विदेशी कंपनियों को प्रदेश में डेटा सेंटर खोलकर ग्लोबल क्लाउड सेवाएं देने पर कर में रियायत से इंदौर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और डेटा सेंटर खुलने का रास्ता साफ होगा।
कार्बन टैक्चर उपयोग और भंडारण (सीसीयूएस) प्रौद्योगिकियों के लिए अगले पांच वर्ष की अवधि के लिए 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा से प्रदेश के मुरैना, आगर आदि जिलों में सोलर स्टोरेज सिस्टम को गति मिलेगी। वहीं शहर आर्थिक क्षेत्र (सीईआर) के लिए पांच साल के लिए पांच हजार करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा के बाद भोपाल और इंदौर को आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के काम को मजबूती मिलेगी। अवसंरचना जोखिम गारंटी फंड बनने से प्रदेश में विकास कार्यों के लिए आसानी से ऋण मिल सकेगा।
तकनीक और रिसर्च से प्रदेश में खेती को मिलेगा बढ़ावा कृषि क्षेत्र कृषि क्षेत्र में जमीनी स्तर पर विकास को नई गति मिलेगी। पंचायतों को मिलने वाली बढ़ी हुई सीधी राशि से सिंचाई, ग्रामीण सड़कों, भंडारण और कृषि अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। बजट में वृद्धि, अनुसंधान और आइसीएआर को मजबूत करने से प्रदेश में उन्नत बीज, नई तकनीक और उत्पादकता बढ़ेगी। सस्ती खाद- उर्वरक से लागत घटेगी। फाइबर, औषधीय पौधों, उच्च-मूल्य फसलों पर जोर से फसल विविधीकरण, किसानों की आय वृद्धि और रोजगार सृजन को बल मिलेगा। वहीं खेती में कृषि व रिसर्च को भी बढ़ाने से छोटे किसानों को लाभ मिलेगा।
स्टार्टअप बजट में स्टार्टअप इंडिया निधियों की निधि 2.0 के लिए 900 करोड़ रुपए रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में अभी 5500 से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं। एक हजार से अधिक प्रक्रिया में हैं। इस निधि से इन स्टार्टअप को आगे बढऩे में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय स्तर पर एमएसएमई को आगे बढ़ाने के लिए 10 हजार करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड। इससे प्रदेश में संचालित 5 लाख से अधिक एमएसएमई को आगे बढऩे में मदद मिल सकेगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में कॉर्पोरेट मित्र बनने से भी उद्यमियों को मदद मिलेगी। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और सागर जैसे शहर टियर-टू ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेंगे।
सतपुड़ा, कान्हा, बांधवगढ़ समेत प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व में तैनात हजारों गाइडों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। इसके लिए बजट में आइआइएम के सहयोग से हाईब्रिड मोड में मानकीकृत, उच्च गुणवत्ता वाले 12 सप्ताह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के जरिए 20 पर्यटन स्थलों में 10 हजार गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
यह बजट किसान, युवा, मजदूर और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं है। बजट जनकल्याण का नहीं सिर्फ दिखावे और खोखले वादे का है। किसानों के लिए एमएसपी का प्रावधान नहीं, जल जीवन में भी राशि नहीं दी।
-उमंग सिंघार, नेता प्रतिपक्ष, एमपी विधासभा
बुनियादी स्वास्थ्य जरूरतों को नजरअंदाज किया गया है। जबकि फार्मा और आयुष पर ध्यान दिया गया। प्राइमरी हेल्थकेयर में कम फंड है। पैरामेडिकल स्टाफ को मजबूत करना अच्छा है। घरेलू मेडिकल उपकरणों में कम समर्थन है।
-अमूल्य निधि, जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया
Published on:
02 Feb 2026 10:43 am
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