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एमपी में वाहनों को फिटनेस पर बड़ी छूट, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दी मंजूरी

Nitin Gadkari- वाहनों को फिटनेस के लिए दूसरे जिलों में जाने की दिक्कत खत्म, मैनुअल वाहन फिटनेस प्रक्रिया जारी

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Union Minister Nitin Gadkari approves major concession on vehicle fitness in MP

वाहनों को फिटनेस पर बड़ी छूट की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मंजूरी

Nitin Gadkari- मध्यप्रदेश में वाहन मालिकों को फिटनेस पर बड़ी छूट मिली है। वे प्रदेशभर के जिला परिवहन कार्यालयों के माध्यम से मैनुअल फिटनेस करा सकेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने फिलहाल ये प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी है। प्रदेश के परिवहन मंत्री उदयप्रताप सिंह ने उनसे मुलाकात कर वाहन स्वामियों की सुविधा के लिए एटीएस विहीन जिलों में मैनुअल वाहन फिटनेस प्रक्रिया को जारी रखने की अनुमति देने का आग्रह किया था। इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी सहमति जताई। परिवहन मंत्री सिंह ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं परिवहन से जुड़े अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की।

परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने नई दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 1 जनवरी 2026 को जारी पत्र के संबंध में अवगत कराया।

मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि पत्र में जिला परिवहन कार्यालयों में वाहनों की मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया को समाप्त कर केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के माध्यम से ही फिटनेस परीक्षण कराए जाने का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में यह व्यवस्था मध्यप्रदेश के केवल 9 जिलों भोपाल, देवास, धार, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सतना और सिंगरौली में ही है। इन जिलों में वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के माध्यम से ही की जा रही है लेकिन अन्य जिलों में ऐसा नहीं हो पा रहा।

ATS विहीन जिलों के वाहन स्वामियों को अन्य जिलों में वाहन लेकर जाना पड़ता है

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मंत्री उदयप्रताप सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश भौगोलिक दृष्टि से बड़ा राज्य है जहां कई जिलों के बीच की दूरी 150 किलोमीटर से अधिक है। ऐसी स्थिति में ATS विहीन जिलों के वाहन स्वामियों को फिटनेस परीक्षण के लिए अन्य जिलों में वाहन लेकर जाना पड़ता है। इससे न केवल समय अधि‍क लगता है बल्कि ईंधन की भी अधिक खपत होती है।

परिवहन मंत्री उदयप्रता​प सिंह ने मंत्री नितिन गडकरी को बताया कि यात्री वाहनों के परमिट निश्चित मार्गों एवं क्षेत्रों के लिए जारी किए जाते हैं। ऐसे में जब ये वाहन फिटनेस परीक्षण के लिए अपने निर्धारित परमिट मार्ग से अलग मार्ग पर जाते हैं तो यह भी वैधानिक रूप से अनुचित होता है।

वाहन के लिए मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया को ही जारी रखने की अनुमति

इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परिवहन मंत्री उदयप्रताप​ सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से प्रदेश के सभी जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना हो जाने तक ATS विहीन जिलों में जिला परिवहन कार्यालयों से वाहन के लिए मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया को ही जारी रखने की अनुमति देने का आग्रह किया। वाहन स्वामियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इसपर सहमति व्यक्त की। उन्होंने प्रक्रिया को यथाशीघ्र अनुमति देने का भरोसा दिलाया।