6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

AI बना सिर दर्द, इस जिले में रिकॉर्ड 87 हजार को नोटिस- साबित करें असली पहचान

Voter List AI Verification: सॉफ्टवेयर ने जिले के 87,428 मतदाताओं के डेटा पर तार्किक विसंगति का ऐसा लाल निशान लगाया है कि अब हजारों लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर यह साबित करना पड़ रहा है कि वे ही असली हैं....

2 min read
Google source verification
Notice

Notice: अशोकनगर में मतदाता को नोटिस तामील कराकर दस्तावेज लेता बीएलओ।(photo:patrika)

Voter List AI Verification: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की होशियारी मतदाताओं और बीएलओ की लिए पहेली बन गई है। सॉफ्टवेयर ने जिले के 87,428 मतदाताओं के डेटा पर तार्किक विसंगति का ऐसा लाल निशान लगाया है कि अब हजारों लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर यह साबित करना पड़ रहा है कि वे ही ऑरिजनल हैं। हालात यह हैं कि एआई ने ऐसे-ऐसे तर्क दिए हैं कि अधिकारी भी हैरान हैं। कहीं पिता और पुत्र की उम्र में 15 साल से भी कम का अंतर पकड़ा है, तो कहीं 50 साल से ज्यादा का। अब इन विसंगतियों को दूर करने के लिए जिले में नोटिस जारी करने और सुनवाई की मैराथन दौड़ सी चल रही है।

बीएलओ की दौड़, मतदाताओं की अग्निपरीक्षा

​इन 87 हजार से अधिक नोटिसों को तामील कराने का जिम्मा बीएलओ पर आ गया है। वे घर-घर जाकर न सिर्फ नोटिस दे रहे हैं, बल्कि लोगों से यह साबित करने के लिए दस्तावेज मांग रहे हैं कि उनका अस्तित्व और रिश्ते सही हैं। एसडीएम शुभ्रता त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि 14 फरवरी तक इन नोटिसों पर सुनवाई का कार्य पूरा किया जाना है। तब तक हजारों मतदाता अपनी जन्मतिथि और वंशावली की फाइलों के साथ कतार में खड़े नजर आएंगे।

सुधार जरूरी, पर मतदाता-बीएलओ को परेशानी भारी

​यह समस्या केवल अशोकनगर विधानसभा तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले की तीनों विधानसभाओं में कुल 87,428 मतदाता इसी पशोपेश में हैं। प्रशासन का तर्क है कि इससे मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन हो जाएगी, लेकिन वर्तमान में यह तकनीकी सफाई अभियान आम जनता और बीएलओ के लिए किसी इम्तिहान से कम नहीं है। अब देखना यह है कि 14 फरवरी तक कितने लोग खुद को एआई की नजर में सही साबित कर पाते हैं।

पांच सवालों में उलझा पूरा जिला-

1- संतान/वंशज: एक ही व्यक्ति के 6 या उससे अधिक वंशज मतदाता सूची में दर्ज होना।
​2- नाम में अंतर: पिता और पुत्र के दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग या सरनेम का मिसमैच।
​3- आयु का गणित: पिता और पुत्र की आयु में 15 वर्ष से कम का अंतर।
​4- आयु का बड़ा अंतर: पिता और पुत्र की आयु में 50 वर्ष से अधिक का अंतर।
​5- पीढ़ियों का अंतर: दादा और नाती की आयु में 40 वर्ष से कम का अंतर।

​अशोकनगर विधानसभा: देखिए एआई ने यह पकड़ी गलतियां-

-36,109 मतदाता ऐसे हैं जिनके पिता के नाम में मिसमैच बताया गया है।
​- 7,114 ऐसे मामले हैं जहां एक ही व्यक्ति के 6 से ज्यादा वंशज बताए गए हैं।
​- 5,740 मामलों में पिता-पुत्र की उम्र का अंतर 15 साल या इससे भी कम है।
​- 1,822 ऐसे केस हैं जहां दादा और नाती की उम्र में 40 साल से कम का अंतर है।
-1,010 मामलों में पिता-पुत्र की उम्र में 50 साल से ज्यादा का फासला है।

जिले में तार्किक विसंगति के यह मामले

विधानसभा जारी नोटिस
अशोकनगर 34395
चंदेरी 27240
मुंगावली 25793
कुल 87428

यह भी खास-

  • 6,45,478 हैं जिले में कुल मतदाता
  • 6,16,076 मतदाता डिजिटाइज्ड हुए
  • 6,16,076 मतदाता बीएलओ से सत्यापित
  • 2,53,398 मतदाता स्वयं के नाम से मैप हुए
  • 3,56,825 संतान या वंशज नाम से मैप
  • 5842 मतदाताओं की जिले में मेंपिंग नहीं