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एफएमटीटीसी में शुरू होगा कस्टम हायरिंग सेंटर, बाजार से कम किराया

किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी बाजार दर से कम किराए पर उपलब्ध हो सकेगी।

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एफएमटीटीसी में पड़े यंत्र

एफएमटीटीसी में पड़े यंत्र

स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (एसकेआरएयू) के कृषि यंत्र एवं मशीनरी परीक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र (एफएमटीटीसी) में अब किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित किया जाएगा। इससे किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी बाजार दर से कम किराए पर उपलब्ध हो सकेगी। केंद्र के प्रभारी डॉ. विक्रम योगी ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से विश्वविद्यालय के एफएमटीटीसी में कस्टम हायरिंग सेंटर संचालन की औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि एफएमटीटीसी में फार्म मशीनरी व उपकरणों की टेस्टिंग का कार्य नियमित रूप से किया जाता है। विपिन लड्ढा ने बताया कि टेस्टिंग के दौरान विभिन्न निर्माता कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आधुनिक कृषि यंत्र व मशीनें अब इस कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को किराए पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। किसान कस्टम हायरिंग सेंटर ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कर पंजीकरण कर सकेंगे। ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से आवश्यक कृषि यंत्र एवं उपकरण किराए पर ले सकेंगे। केंद्र की ओर से यंत्र प्रचलित बाजार दर से कम किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

किसानों के लिए बेहद उपयोगी: कुलगुरु
कुलगुरु प्रो. डॉ. राजेंद्र बाबू दुबे ने कहा कि आधुनिक कृषि में कस्टम हायरिंग सेंटर किसानों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि एफएमटीटीसी में 14 राज्यों की फार्म मशीनरी निर्माता कंपनियों के उपकरण टेस्टिंग के लिए लाए जाते हैं। हायरिंग सेंटर शुरू होने से किसानों को प्रशिक्षण के साथ-साथ उपकरण भी किफायती दरों पर मिल सकेंगे। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. देवाराम सैनी ने कहा कि इस केंद्र से क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही विश्वविद्यालय को राजस्व सृजन में भी मदद मिलेगी। यह केंद्र सैकड़ों किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बनकर उभरेगा।

2012 में हुई थी एफएमटीटीसी की स्थापना
एसकेआरएयू में वर्ष 2012 से संचालित फार्म मशीनरी टेस्टिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर (एफएमटीटीसी) की स्थापना भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के अधीन, राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के तहत की गई थी। यह केंद्र देश के 33 चुनिंदा एफएमटीटीसी में से एक है। विश्वविद्यालय को एफएमटीटीसी के माध्यम से अब तक करीब 15 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हो चुकी है। यह केंद्र मशीनरी टेस्टिंग के साथ किसानों, विद्यार्थियों, फार्म मशीनरी निर्माताओं को संचालन व रखरखाव संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान करता है।