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पति जयपुर में भर्ती, रुपए ट्रांसफर करने हैं; ​रिटायर्ड शिक्षिका ने बहाना कर बैंक से 48 लाख रुपए निकाले, साइबर ठगों ने हड़पे

Retired teacher digitally Arrested: बीकानेर। साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर एक सेवानिवृत शिक्षिका से लाखों की वसूली करने का मामला सामने आया है। खुद को NIA अधिकारी बताकर ठगों ने इस सेवानिवृत्त शिक्षका को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और उम्रकैद की धमकी देकर 48 लाख रुपए हड़प लिए।

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सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

Retired teacher digitally Arrested: बीकानेर। साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर एक सेवानिवृत शिक्षिका से लाखों की वसूली करने का मामला सामने आया है। खुद को NIA अधिकारी बताकर ठगों ने इस सेवानिवृत्त शिक्षका को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और उम्रकैद की धमकी देकर 48 लाख रुपए हड़प लिए। शिक्षिका को जब ठगी का अहसास हुआ तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई।

उसने साइबर पुलिस थाना में मामला दर्ज कराया है।पुलिस के अनुसार करणी नगर निवासी 70 वर्षीय कांता शर्मा के मोबाइल पर 21 जनवरी को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को NIA अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड से करोड़ों रुपए का लेन-देन हुआ है। विदेशों में भी पैसा भेजा गया है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। इसे बुजुर्ग शिक्षिका कांता शर्मा डर गई। उसने पुत्रवधु शिखा पांडे से बात करवाई।

फर्जी गिरफ्तारी वारंट व सुप्रीम कोर्ट के पत्र भेजे

साइबर ठगों ने शिक्षिका के व्हाट्सऐप पर फर्जी गिरफ्तारी वारंट और सुप्रीम कोर्ट के नाम के फर्जी पत्र भेजे। दो दिन तक वीडियो कॉल पर कथित पूछताछ भी करते रहे। इसमें पुलिस की वर्दी पहने साइबर ठग शिक्षिका को धमकाते रहे। मनी लॉन्ड्रिंग केस में उम्रकैद की सजा का डर दिखाया और ‘सेटलमेंट’ के नाम पर रुपए मांगे।

पूरी तरह डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसने के बाद 22 जनवरी को कांता शर्मा ने अपने एसबीआइ खाते से 10 लाख रुपए निकाल कर एचडीएफसी बैंक के खाते में जमा करवाए। अगले दिन साइबर ठगों ने और 38 लाख रुपए देने की मांग की। जिसे बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में जमा करा दिए। इस तरह 48 लाख रुपए ठगों ने अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब 24 जनवरी को इस वारदात की जानकारी कांता शर्मा के बेटे अमित को दी तब वह डिजिटल अरेस्ट से बाहर निकल पाई।

पड़ोसियों ने फोन कर दी सूचना

पीड़िता के बेटे अमित पांडेय ने बताया कि उसकी माता ऑनलाइन पेमेंट भुगतान संबंधी कोई भी सुविधा उपयोग में नहीं ले रखी है। हमेशा बैंक से वह खुद साथ जाकर रुपए निकलवा कर लाता है। पिछले एक सप्ताह से हरियाणा-पंजाब में गया हुआ था। 22 जनवरी को साइबर ठगों ने माता को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। मां व पत्नी दोनों इतना डर गई कि उन्होंने इस बारे में उसे भी नहीं बताया। वे डरी-सहमी रहने लगी। तब पड़ोसी ने फोन कर उसे सूचना दी और फोन से बात कराई तब घटना का पता चला।

पति जयपुर में भर्ती, रुपए ट्रांसफर करने है

अमित ने बताया कि साइबर ठगों ने उसकी मां और पत्नी को पूरी तरह डिजिटल अरेस्ट कर लिया। उनके पिता जयपुर में भर्ती है, इस बारे में ठगों को जानकारी दे दी। उन्होंने दोनों को समझा कर भेजा। मां व पत्नी बैंक गए तो बैंक मैनेजर ने 10 लाख से रुपए राशि ट्रांसफर करने से मना कर दिया। तब उन्होंने कहा कि उसके पति भर्ती है, उनके इलाज के लिए सख्त जरूरत है। एक बैंक ने मना कर दिया तो अगले दिन दूसरी बैंक से 38 लाख रुपए ट्रांसफर करवा दिए।

1930 पर दर्ज कराई शिकायत

पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर पुलिस थाने में रिपोर्ट कर ली गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस 2023 की धाराओं व आइटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क खंगाल रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन पूछताछ या फोन पर गिरफ्तारी की धमकी से सावधान रहें। इसकी तुरंत सूचना पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन पर देवें।

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