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CG Highcourt: कमिश्नर की ‘शॉपिंग लिस्ट’ बनी विवाद का कारण, कर्मचारी ने हाई कोर्ट में पेश की व्हाट्सएप चैट

CG Highcourt: बिलासपुर के दुर्ग नगर निगम में एक रोचक और विवादित मामला सामने आया है, जिसमें निगम कमिश्नर और एक कर्मचारी के बीच की व्हाट्सएप चैट हाई कोर्ट में पेश की गई।

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कमिश्नर की 'शॉपिंग लिस्ट' बनी विवाद का कारण(photo-patrika)

कमिश्नर की 'शॉपिंग लिस्ट' बनी विवाद का कारण(photo-patrika)

CG Highcourt: छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम में एक रोचक और विवादित मामला सामने आया है, जिसमें निगम कमिश्नर और एक कर्मचारी के बीच की व्हाट्सएप चैट हाई कोर्ट में पेश की गई। याचिकाकर्ता कर्मचारी ने अपनी याचिका में चैट की फोटोकॉपी भी संलग्न की है। कमिश्नर ने कर्मचारी से फल, चावल, मूवी टिकट और बंगले के वाई-फाई रिचार्ज तक करवाए थे।

CG Highcourt: कर्मचारी की याचिका और रिट

मामले में, वही कर्मचारी जिसकी मदद से कमिश्नर ने ये सभी काम करवाए, अब नौकरी से हटाने की कार्रवाई का सामना कर रहा है। परेशान कर्मचारी ने अधिवक्ता संदीप दुबे और मानस वाजपेयी के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की है, जिसमें नगर निगम कमिश्नर की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।

कोर्ट की सुनवाई और आदेश

सिंगल बेंच जस्टिस पीपी साहू ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा कार्यवाही में गवाहों से पूछताछ नहीं की गई, और आरोप पत्र में सूचीबद्ध किसी भी गवाह से आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं जुटाए गए हैं।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को अगली सुनवाई तक रोक दिया। रिट याचिका की अगली सुनवाई 23 फरवरी को तय की गई है। सभी पक्षकारों को तीन सप्ताह में जवाब पेश करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

निलंबन आदेश और विवादित आरोप

याचिकाकर्ता ने निगम कमिश्नर द्वारा 18 सितंबर 2025 को जारी आरोप पत्र और दुर्ग नगर निगम के उपायुक्त द्वारा 6 अक्टूबर 2026 की जांच रिपोर्ट को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता के अनुसार, उन्हें 8 अगस्त 2014 को दुर्ग नगर निगम में नियुक्त किया गया और 21 नवंबर 2019 को सहायक ग्रेड-तृतीय पद पर पदोन्नत किया गया।

31 जुलाई 2025 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति अवैध तरीके से की गई। याचिकाकर्ता ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने निगम के अधीन किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति या पदोन्नति में कोई भूमिका नहीं निभाई। इसके बावजूद, 7 अगस्त 2025 को निलंबन आदेश जारी कर मनमाने तरीके से कार्रवाई की गई।

हाई कोर्ट में पेश व्हाट्सएप चैट

याचिकाकर्ता ने कोर्ट में निगम कमिश्नर और अपने बीच की व्हाट्सएप चैट भी पेश की। चैट में कमिश्नर की मांगों में शामिल थे: लाल अंगूर लाने को कहना, कार्नर सीट वाली मूवी टिकट मंगवाना, 10 किग्रा जायफूल चावल लाने का आदेश देना, और एमआईसी की बैठक को कैंसिल करने की अनुमति पूछना। यह चैट मामले में रोचक और विवादास्पद सबूत के रूप में सामने आई है।