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‘घूसखोर पंडत’ के विवाद पर प्रोड्यूसर नीरज पांडे ने तोड़ी चुप्पी, बोले- पंडत शब्द का इस्तेमाल सिर्फ…

Ghooskhor Pandat  Producer Neeraj Panday: फिल्म घूसखोर पंडत फिल्म के टाइटल पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब ऐसे में फिल्म के प्रोड्यूसर नीरज पांडे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस पूरे मामले पर क्या कुछ कहा है आइये जानते हैं...

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Ghooskhor Pandat  Producer Neeraj Panday

घूसखोर पंडत फिल्म के प्रोड्यूसर का बयान आया सामने

Ghooskhor Pandat Producer Neeraj Pandey: उत्तर प्रदेश में अभिव्यक्ति की आजादी और सामाजिक मर्यादा के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर आने वाली फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। अब यह मामला पुलिस की फाइलों तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में फिल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और पूरी टीम के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है।

फिल्म 'घूसखोर पंडत' का टाइटल बना विवाद (Neeraj Pandey on Ghooskhor Pandat is a fictional cop drama)

लखनऊ पुलिस कमिशनरेट की तरफ से जारी प्रेस नोट भी जारी किया गया है। जिसके अनुसार, फिल्म 'घूसखोर पंडत' पर धार्मिक और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस का कहना है कि फिल्म का टाइटल जानबूझकर एक खास समुदाय (ब्राह्मण) को निशाना बनाने और उन्हें अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया है। आरोप है कि यह कंटेंट समाज में शांति व्यवस्था को भंग कर सकता है और भाईचारे को नुकसान पहुंचा सकता है। हजरतगंज थाने के एसएचओ विक्रम सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कानूनी कार्रवाई की है।

यूपी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। लखनऊ कमिशनरेट ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया या ओटीटी के जरिए शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ, फिल्म इंडस्ट्री की संस्था 'कम्बाई' ने भी नोटिस जारी कर कहा है कि मेकर्स ने इस टाइटल के लिए आधिकारिक अप्रूवल नहीं लिया था।

घूसखोर पंडत के प्रोड्यूसर ने तोड़ी चुप्पी (Ghooskhor Pandat title row)

नीरज पांडे ने आगे कहा, "पहले की तरह इस बार भी ईमानदारी से ये फिल्म बनाई है। इसका मकसद सिर्फ एंटरटेन करना है। फिल्म के टाइटल से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है। उस बात को हम समझते हैं। और इसीलिए सब चीजें ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रमोशनल मटेरियल्स को हटाने का फैसला किया है, क्योंकि हमें ऐसा लगता है कि फिल्म को पहले पूरी तरह से देखा जाना चाहिए और उसकी कहानी को समझना चाहिए, जो हम कह रहे हैं। न कि एक छोटे हिस्से पर अपनी राय बनानी चाहिए। हम जल्द ही फिल्म को दर्शकों के साथ शेयर करेंगे और इसके लिए हम एक्साइटेड भी हैं।"

टीजर आते ही मच गया था बवाल (Ghooskhor Pandat Teaser)

बता दें, विवाद की जड़ इस महीने की शुरुआत में हुए 'नेक्स्ट ऑन नेटफ्लिक्स' इवेंट से जुड़ी है। इस इवेंट में जब फिल्म का टीजर जारी किया गया, तो सोशल मीडिया पर विरोध की लहर दौड़ गई। ब्रज के संतों से लेकर कई सामाजिक संगठनों ने इसे 'ब्राह्मण विरोधी' करार दिया है। संतों ने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग तक कर डाली है। उनका तर्क है कि 'अभिव्यक्ति की आजादी' के नाम पर बार-बार एक ही समाज की छवि को धूमिल करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

फिल्म की कहानी और स्टार कास्ट

इस फिल्म का निर्देशन रितेश शाह ने किया है और इसके निर्माता मशहूर फिल्ममेकर नीरज पांडे हैं। फिल्म में मनोज बाजपेयी 'अजय दीक्षित' नाम के एक भ्रष्ट पुलिस अफसर की भूमिका में हैं, जो विभाग में 'पंडित' के नाम से मशहूर है। फिल्म में नुसरत भरूचा, साकिब सलीम और दिव्या दत्ता जैसे मंझे हुए कलाकार भी अहम किरदारों में नजर आने वाले हैं। फिल्म की कहानी एक करप्ट सिस्टम और उसमें फंसे एक अफसर के इर्द-गिर्द घूमती है।