
‘रामायण’ में ‘मेघनाथ’ का किरदार निभाने वाले एक्टर विजय अरोड़ा की फोटो। सर्कल में राजेश खन्ना (इमेज सोर्स: तिलक यूट्यूब चैनल और एक्स)
Vijay Arora: 70 के दशक में जब राजेश खन्ना का जादू पूरे देश पर छाया हुआ था और उनकी एक झलक के लिए लड़कियां पागल हो जाती थीं, उसी दौर में एक ऐसा चेहरा उभर रहा था जिसे देखकर खुद ‘काका’ तक को अपनी सुपरस्टार कुर्सी हिलती हुई महसूस होने लगी थी। यह वही अभिनेता थे जिन्हें बाद में ‘रामायण’ में मेघनाथ के रूप में घर-घर की पहचान मिली।
विजय अरोड़ा अपनी हैंडसम पर्सनैलिटी, बेबाक स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर वे इतने पॉपुलर हुए कि महिला फैंस उनकी एक झलक पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहती थीं। लेकिन जिस सितारे में सुपरस्टार बनने का दम था, उसी का करियर बॉलीवुड की अंदरूनी राजनीति ने धीरे-धीरे पटरी से उतार दिया। 2 फरवरी को उनकी पुण्यतिथि है, इस खास मौके पर चलिए उनकी जिंदगी के बारे में कुछ खास जानते हैं।
विजय अरोड़ा 70 के दशक के उन चुनिंदा एक्टर्स में थे, जिनके साथ उस समय की लगभग हर बड़ी और खूबसूरत हीरोइन काम करना चाहती थी। एफटीआईआई से पढ़ाई पूरी करने के बाद जब वे 1971 में मुंबई पहुंचे, तो उनका गोरा रंग, लंबा कद और स्मार्ट पर्सनैलिटी देखते ही उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। 1972 में उन्होंने पहली बार रीना रॉय के साथ जरूरत और आशा पारेख के साथ ‘राखी’ और ‘हथकड़ी’ में काम किया। भले ही पहली फिल्म औसत रही, लेकिन किस्मत ने असली करवट ‘यादों की बारात’ से ली।
यादों की बारात ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका किया और इसका गाना ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’ सुपरहिट बन गया। इस गाने ने विजय अरोड़ा को रातों-रात स्टार बना दिया। उनके चॉकलेटी लुक और आकर्षक स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें दर्शकों का फेवरेट बना दिया। हालत ये हो गई कि लोग उन्हें दूसरा राजेश खन्ना कहने लगे।
यह तुलना यूं ही नहीं थी क्योंकि विजय का कद-काठी और लुक्स ‘काका’ से मिलते थे और खुद राजेश खन्ना ने एक इंटरव्यू में माना था कि अगर कोई उनकी जगह ले सकता है, तो वह विजय अरोड़ा ही हैं। दोनों ने साथ में निशान, रोटी और सौतन जैसी यादगार फिल्मों में भी काम किया, जिनमें दोनों का स्टारडम साफ नजर आता है।
बता दें विजय अरोड़ा ने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और टीवी के कई मशहूर सीरियल्स में भी नजर आए। रामानंद सागर की रामायण में उन्होंने ‘मेघनाथ’ का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने उतना ही पसंद किया जितना राम और सीता के रोल को। फिल्मों में उन्होंने खूब काम किया, लेकिन उतनी बड़ी पहचान नहीं बना पाए जितनी उनकी प्रतिभा के लायक थी। अपने करियर के सबसे अच्छे दौर में वे बॉलीवुड की अंदरूनी राजनीति का शिकार हो गए, उन्होंने खुद माना था कि यही वजह उनके करियर को नुकसान पहुंचा गई।
Published on:
02 Feb 2026 01:36 am
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