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Bundi : 85 हजार उपभोक्ताओं को गर्मी में भी नहीं मिलेगा चंबल का पानी

हिण्डोली. विधानसभा क्षेत्र में चंबल पेयजल योजना का कार्य गत माह से ठप होने के कारण आगामी गर्मी में भी हजारों उपभोक्ताओं को पीने का पानी नहीं मिल पाएगा।

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85 हजार उपभोक्ताओं को गर्मी में भी नहीं मिलेगा चंबल का पानी

हिण्डोली. बांका के पास बिछाई गई पाइप लाइन अधूरी पड़ी हुई है।

हिण्डोली. विधानसभा क्षेत्र में चंबल पेयजल योजना का कार्य गत माह से ठप होने के कारण आगामी गर्मी में भी हजारों उपभोक्ताओं को पीने का पानी नहीं मिल पाएगा।


जानकारी अनुसार वर्ष 2021 में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बजट सत्र में हिण्डोली विधानसभा क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट को देखते हुए करीब 900 करोड़ रुपए की लागत से चंबल पेयजल योजना स्वीकृत की थी, जिसका कार्य शुरू में तो संवेदक ने शुरू किया था। यह योजना निर्धारित समय नवंबर 2024 को पूरी होनी थी। लेकिन वन विभाग सहित अन्य बाधाओं के चलते कार्य की गति धीमी हो गई थी।

काफी समय से सभी प्रकार की लगी रोक हटने के बाद यहां के हजारों उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि मार्च 2026 में चंबल पेयजल योजना का पानी गांव गांव में मिल जाएगा, लेकिन कुछ समय से संवेदक द्वारा कार्य की गति ठप कर दी है। आरोली से जाखोली तक पाइप लाइन का मिलान नहीं हो पाया है, जिससे इस गर्मी में उपभोक्ताओं को पीने का पानी नहीं मिल पाएगा, जिससे एक बार उपभोक्ताओं को फिर से गर्मी में पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा।चंबल पेयजल योजना से विधानसभा क्षेत्र के करीब 85 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना से पानी मिलना है, जिनमें 285 गांव व 286 मजरे शामिल हैं।

दो वर्ष की देरी
जल संसाधन विभाग प्रोजेक्ट के अधिकारियों का कहना है कि गत समय से बजट के अभाव में प्रोजेक्ट का काम थम सा गया है, अप्रैल 2026 तक विधानसभा क्षेत्र के सभी 570 गांवों व मजरों में चंबल पेयजल योजना से जलापूर्ति करवाने के प्रयास थे, लेकिन इस बार भी उम्मीद पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ऐसे में गर्मी के मौसम में लोगों को एक बार फिर पानी के लिए परेशान होना पड़ेगा। सूत्रों ने बताया कि जो काम 6 महीने पहले हुआ था। उस काम में ज्यादा प्रगति नहीं हो पाई।

बजट नहीं तो संवेदक पर नहीं बना पा रहे हैं दबाव
चंबल पेयजल योजना का करीब 76 फीसदी काम हुआ है। संवेदक बजट की कमी बताकर काम बंद दिया है। जल संसाधन विभाग के प्रोजेक्ट के अधिकारियों का कहना है कि संवेदक को आगे से बजट नहीं मिल रहा है। इस कारण काम में देरी हो रही है। यही हाल रहे तो इस गर्मी में भी पीने का पानी नहीं मिलेगा।

यह होना था कार्य
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आरोली से पाइपलाइन से पानी मुख्य जल शोधन संयंत्र जाखोली तक पहुंचेगा।जाखोली से बड़ानयागांव के निकट बने पंप हाउस तक पानी पहुंचेगा। यहां से दो रूट तय किए हैं। कुल 69 टंकियां बनाई गई है। एवं छह पंप हाउस का निर्माण हुआ है।हिण्डोली, दबलाना, बांसी, देई, नैनवां में पंप हाउस रहेंगे, जिनमें से हिण्डोली पंप हाउस से 12 टंकियां, बांसी से 10, दबलाना से 10, देई से 6 व नैनवां से 10 टंकिया में जलापूर्ति की जाएगी। बड़ानयागांव से हिण्डोली, पेचकी बावड़ी सहित अन्य क्षेत्रों में जलापूर्ति की जाएगी। वहीं बड़ा नयागांव से अलोद दबलाना होते हुए बांसी, देई नैनवां तक पानी पहुंचाया जाएगा।

चंबल पेयजल योजना का कार्य आगे से बजट के अभाव में थम सा गया है। बजट नहीं मिलने से संवेदक ने काम की गति रोक दी है। इस कारण परियोजना में विलंब हो रहा है। एवं आगामी गर्मी में भी योजना पूर्ण होने की संभावना कम रहेगी।
सर्वेश्वर चौधरी, अधिशासी अभियंता जलदाय विभाग प्रोजेक्ट बूंदी।