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Bundi: बाघिन को रास आया मेज नदी का किनारा

क्षेत्र में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की मादा टाइगर आरवीटीआर-09 ने मेज नदी से सटी हुई सीमा में मुवमेंट जारी है। मंगलवार को बांसी-कालानला मार्ग पर मेज नदी की पुलिया से कुछ दूरी पर आते ही आरवीटीआर की टीम मौके पर पहुंची।

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बाघिन को रास आया मेज नदी का किनारा

भण्डेड़ा. बांसी-कालानला मार्ग पर मेज नदी की पुलिया के निकट पहुंची आरवीटीआर 09 की मॉनिट्रिंग करती वन विभाग की टीम।

भण्डेड़ा. क्षेत्र में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की मादा टाइगर आरवीटीआर-09 ने मेज नदी से सटी हुई सीमा में मुवमेंट जारी है। मंगलवार को बांसी-कालानला मार्ग पर मेज नदी की पुलिया से कुछ दूरी पर आते ही आरवीटीआर की टीम मौके पर पहुंची। सडक़ से गुजरते राहगीरों व नदी की तरफ आवाजाही वाले चरवाहों से समझाइश की जा रही है। आरवीटीआर-09 ने सुबह आठ बजे ही पुलिया के निकट पहुंच गई थी। दोपहर बाद तक आसपास में ही लोकेशन ट्रैस की जा रही है।


जानकारी अनुसार रामगढ़ विषधारी की मादा टाइगर आरवीटीआर-09 रात्रि के समय अभयारण्य की सीमा के प्लांटेशन-ए को छोडकऱ प्लांटेशन-बी में पहुंची है, जिसके बाद बाघिन ने बांसी-कालानला मुख्य मार्ग पर मेज नदी की पुलिया से लगभग 300 मीटर दूरी पर पूर्व दिशा में मेज नदी में पानी पीया है। सुबह लगभग दस बजे कुछ समय के लिए टाइगर ने नदी के पास घास में आराम किया व फिर नदी के दक्षिण की सीमा में पहुंच गई। बाघिन इस क्षेत्र में करीब बीस दिन से विचरण कर रही है।

अभयारण्य की टीम ने मेज नदी की पुलिया से वाहनों को पुलिया के नीचे लेकर ट्रैकिंग जारी रखी है। टीम ने दो वाहनों से छह सदस्य टीम ने टाइग्रेस की ट्रैकिंग की। दोपहर बाद मुण्डली के घाटी की तरफ जंगल की ओर रूख किया गया है। आरवीटीआर टीम में गुढासदावृतिया वन चौकी के नाका प्रभारी साभलाल मीणा, वनरक्षक रूप ङ्क्षसह गुर्जर, ट्रेकर रघुवीर गुर्जर, वाहन चालक श्रीकिशन गुर्जर, ट्रेकर सुरेंद्र गुर्जर, वाहन चालक कैलाश गुर्जर सहित टीम में शामिल रहे है।

आरवीटीआर-09 की मॉनिट्रिंग को लेकर ट्रैकिंग टीम दिनरात लगी हुई है। जहां पर लोकेशन रहती है। वहां पर टीम पहुंचती है। सडक़ की तरफ रूख बनता है, तो हम रास्ते को बन्द कर देते है। ग्रामीणों से भी समझाइश करके जागरूक रहने को बोला जाता है। टाइग्रेस इस समय भी हमारे वन सीमा में ही है।
जितेंद्र कुमार वर्मा, आरवीटीआर क्षेत्रीय वन अधिकारी जैतपुर