28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

15 हजार बुजुर्ग वंचित…’आयुष्मान कार्ड’ बनाने के लिए घर-घर जाएगा स्वास्थ विभाग

Ayushman Card: केंद्र की आयुष्मान भारत योजना बीमारी के इलाज के समय गरीब एवं माध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है...

2 min read
Google source verification
Ayushman Card

Ayushman Card प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

Ayushman Card: बीमारी के इलाज और इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवा में उपयोग होने वाले 5 लाख का गोल्डन कार्ड (आयुष्मान पंजीयन) में एमपी का बुरहानपुर जिला 6 साल बाद भी 27वें स्थान पर है। जिले में 39 हजार लोग अभी ऐसे है जो योजना में पात्रता रखने के बाद भी उन्होंने पंजीयन नहीं कराया है। जबकि 70 प्लस वाले 15 हजार बुजुर्ग भी इस योजना से वंचित है। ऐसे में बड़ी बीमारी या इमरजेंसी के समय कार्ड नहीं होने पर मरीजों को परेशान होना पड़ता है।

39 हजार 756 लोगों के कार्ड पंजीयन

केंद्र की आयुष्मान भारत योजना बीमारी के इलाज के समय गरीब एवं माध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। जिले में 2018 से आयुष्मान भारत के कार्ड बनाने का काम शुरू हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ने राशन कार्ड पोर्टल पर दर्ज लोगों की संख्या और जनगणना के अनुसार जिले के 6 लाख 5 हजार 401 लोगों का इस योजना के तहत कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया, लेकिन 6 साल में अब तक 5 लाख 65 हजार 645 लोगों के ही कार्ड बन सके। शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अभी 39 हजार 756 लोगों के कार्ड पंजीयन करना है।

पंचायत और वार्डस्तर पर कर रहे प्रयास

सीएमएचओ आरके वर्मा ने कहा कि योजना के तहत पात्र हितग्राहियों का कार्ड बनाने की जिम्मेदारी नगरीय निकायों के साथ पंचायत स्तर पर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग का अमला भी लगातार शिविर और घरों पर जाकर पात्र हितग्राहियों के कार्ड पंजीयन कर रहा है। इसके अलावा जिला अस्पताल व ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में भी कार्ड बनाए जा रहे हैं। जहां पर पात्र लोग अधिक है। ऐसे स्थानों का चयनकर शिविर लगाकर भी लोगों के तत्काल कार्ड बनाकर दिए जा रहे है।

संशोधन के बाद 70 प्लस वाले हुए भी शामिल

पहले योजना में 70 प्लस से अधिक उम्र के बुजुर्ग शामिल नहीं थे। लेकिन सरकार ने संसोधन कर उन्हें भी शामिल कर आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है। जिले में करीब 33 हजार 198 बुजुर्ग पात्र है। अभी तक 18 हजार 8 बुजुर्गों के कार्ड पंजीयन हुए है। 15 हजार 190 बुजुर्ग अभी इस योजना से वंचित है।

5 लाख तक फ्री इलाज

शासकीय सहित निजी अस्पतालों में बीमारी का बेहतर इलाज कराने उद्देश्य से केंद्र सरकार ने यह योजना शुरू की थी। जिले के 10 से अधिक बड़े अस्पताल शामिल है। दुर्घटना, बीमारी से लेकर विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन भी आयुष्मान में निःशुल्क किए जाते हैं। एक कार्डधारू को एक साल में 5 लाख रुपए तक निःशुल्क इलाज मिलता है। योजना का लाभ लेने के लिए उम्र की कोई सीमा तय नहीं की गई है।

नगरीय क्षेत्र में वार्ड एवं पंचायतों में शिविर के माध्यम से आयुष्मान कार्ड पंजीयन करा रहे है, इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों का जिला अस्पताल में भी आयुष्मान पंजीयन कर रहे है।- आरके वर्मा, सीएमएचओ, बुरहानपुर

Story Loader