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बजट से पहले सोना और चांदी में भारी गिरावट, जानिए कितना हुआ सस्ता

Gold And Silver Prices: गुरुवार की रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद मुनाफावसूली करने के चलते शुक्रवार को सोने और चांदी के वायदा भाव में भारी गिरावट देखी गई।

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Gold and silver prices

फाइल फोटो

Gold And Silver Prices: बजट से पहले सोना और चांदी में गिरावट दर्ज की गई है। दोनों की कीमतों में गुरुवार को रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद शुक्रवार को अच्छी बिकवाली देखी गई। MCX पर सिल्वर फ्यूचर्स 3.04% गिरकर 4,20,048 रुपये प्रति किलो से नीचे आए, जबकि गोल्ड फ्यूचर्स 1.28% टूटे। सोने की कीमत 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी क्रैश रहा – कॉमेक्स गोल्ड 2.2% गिरकर USD 5,236.74 प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर 5.7% गिरकर 109.55 प्रति औंस डॉलर पर। गोल्ड स्पॉट 3.9% गिरकर 5,183.21 डॉलर पर पहुंचा, जो पिछले दिन के पीक $5,594.82 से 5% तक कम है। गोल्ड और सिल्वर ETF में भी 10-14% तक गिरावट दर्ज हुई, जैसे जीरोधा सिल्वर ETF और SBI सिल्वर ETF 14% गिरे।

जानें कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी

MCX पर शुक्रवार को सोने में भारी ​गिरावट दर्ज की है। 10 ग्राम सोने की बात करे तो 4765.00 रुपये सस्ता हुआ है। 2.81 % की गिरावट के साथ 10 ग्राम सोने 164638.00 में बिक रहा है। वहीं चांदी की बात करें तो इसमें भी जबदस्त गिरावट दर्ज की है। एक किलो चांदी 44893 रुपये की गिरावट के साथ 355000 रुपए पर आ गई है।

गिरावट के मुख्य कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, गिरावट का मुख्य कारण आक्रामक प्रॉफिट बुकिंग है। दोनों धातुओं ने पिछले दिन ऐतिहासिक उच्च स्तर छुए थे, जिसके बाद निवेशक मुनाफा वसूलने लगे। अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी दबाव बढ़ाया। डॉलर इंडेक्स 96 के निचले स्तर से उछलकर मजबूत हुआ, जबकि USD/INR रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा। फेडरल रिजर्व की नीति पर अटकलें भी बड़ी वजह बनीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेड चेयर जेरोम पॉवेल की जगह संभावित कम डोविश उम्मीदवार केविन वार्श की घोषणा की, जिससे बाजार में हॉकिश फेड की आशंका बढ़ी। इससे डॉलर मजबूत हुआ और सुरक्षित निवेश वाली धातुओं पर दबाव पड़ा।

इसलिए आई गिरावट

ओवरबॉट कंडीशंस (अधिक खरीदारी) ने भी गिरावट को तेज किया। मनाव मोदी (मोतीलाल ओसवाल) ने कहा, रिकॉर्ड हाई से यूएस डॉलर में उछाल ने आक्रामक लाभ बुकिंग को जन्म दिया। जिगर त्रिवेदी (इंडुसइंड सिक्योरिटीज) ने बताया कि कमजोर डॉलर और मौद्रिक नीति की उम्मीद ने पहले रैली दी, लेकिन अब डॉलर रिबाउंड ने दबाव बढ़ाया। टिम वाटरवाटर (KCM) ने कहा, कम डोविश फेड चेयर, डॉलर रिबाउंड और ओवरबॉट स्थितियां गिरावट की वजह हैं। मनोज कुमार जैन (पृथ्वी फिनमार्ट) ने कहा कि उच्च अस्थिरता है और रिकॉर्ड हाई से प्रॉफिट बुकिंग से डिप आई है, लेकिन सेफ-हेवन डिमांड बनी हुई है।

बाजार का ट्रेंड और भविष्य

इस गिरावट के बावजूद जनवरी में गोल्ड का प्रदर्शन 1980 के दशक के बाद सबसे अच्छा रहा है, जबकि सिल्वर 50-56% तक बढ़कर रिकॉर्ड मंथली गेन की ओर है। सिल्वर नौ महीने लगातार बढ़ रहा है। विश्व गोल्ड काउंसिल ने भारत की सोने की आयात में गिरावट की चिंता जताई, क्योंकि ज्वेलरी डिमांड रिकॉर्ड हाई कीमतों से प्रभावित हो सकती है। केंद्रीय बैंकों की खरीद Q4 2025 में धीमी हुई, लेकिन निवेशक रुचि ने संतुलन बनाया।