
घरों की बिक्री के मामले में साल 2025 थोड़ा सुस्त रहा है (PC: Canva )
घरों की बिक्री के मामले में साल 2025 थोड़ा सुस्त रहा है। नाइट फ्रैंक (Knight Frank) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश के टॉप 8 शहरों में घरों की कुल बिक्री करीब 3,48,204 यूनिट्स रही, जो इसके पिछले साल यानी 2024 से 1% कम है। घरों की कीमतें औसतन 19% तक बढ़ीं, जिससे मांग थोड़ी रुक गई। नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट 2025 की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) के रियल एस्टेट परफॉर्मेंस पर है। इस रिपोर्ट में एक बात ये सामने आई है कि अफोर्डेबल घरों की बिक्री घटी है, जबकि लग्जरी घरों की बिक्री में तेजी से इजाफा हुआ है।
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में बताया गया कि पूरे साल की बिक्री लगभग स्थिर रही, जबकि नए लॉन्च 3% घटकर 3,62,184 यूनिट्स रह गए। फिर भी डिमांड बिक्री से ज्यादा बनी रही। यानी नए प्रोजेक्ट्स थोड़े कम लॉन्च हुए, लेकिन लोग अभी भी घर खरीदने के लिए उत्सुक हैं।
एक नजर डालते हैं इन 8 शहरों में साल 2025 के दौरान घरों की बिक्री पर और रेट में कितनी बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक घरों के रेट सबसे ज्यादा रेट दिल्ली-NCR में बढ़े हैं, जबकि सबसे कम रेट अहमदाबाद में बढ़े हैं। जहां तक घरों की बिक्री की बात है तो सबसे ज्यादा बिक्री चेन्नई में देखने को मिली है। मुंबई ने कुल बिक्री का 29% हिस्सा बनाया। हालांकि बिक्री सिर्फ 1% ही बढ़ी
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने बताया कि 2025 में घरों का मार्केट तेज बढ़ोतरी के फेज से निकलकर एक अधिक संतुलित और सोची-समझी रफ्तार पर आ गया है। इसका मुख्य कारण मजबूत घरेलू बैलेंस शीट्स यानी लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी होना और लंबे समय के लिए शहरों का मजबूत फंडामेंटल है।
उन्होंने कहा, “जरूरी बात ये है कि इन्वेंटरी का स्तर काबू में है और क्वार्टर्स-टू-सेल (QTS) रेशियो स्थिर है। 2025 की दूसरी छमाही में यह 5.8 रहा, जो बताता है कि मांग लगातार बनी हुई है। इससे साफ है कि रेजिडेंशियल सेक्टर 2026 में सक्रिय, अनुशासित और संरचनात्मक रूप से संतुलित है।”
बैजल कहते हैं कि 2025 में घरों की बिक्री स्थिर रही क्योंकि लोग अभी भी घर खरीद रहे हैं, लेकिन अफोर्डेबल घरों की बिक्री घट रही है। 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले अफोर्डेबल सेगमेंट की हिस्सेदारी और सेल्स वॉल्यूम 2018 से लगातार और धीरे-धीरे घट रही है। इसका कारण बढ़ती जमीन की कीमतें, कंस्ट्रक्शन कॉस्ट और खरीदारों का चुनिंदा व्यवहार है, जो इस सेगमेंट की मांग पर असर डाल रहा है। 2025 में 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले अफोर्डेबल घरों की बिक्री 17% गिरकर सिर्फ 73,694 यूनिट्स रह गई। ये कुल बिक्री का सिर्फ 21% हिस्सा बने। नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह एक बड़ा बदलाव है। 2022 में 50 लाख से कम के घर कुल बिक्री का 63% हिस्सा थे।
जहां एक ओर अफोर्डेबल हाउसिंग की बिक्री गिरी है, लग्जरी हाउसिंग की बिक्री बढ़ी है। 2025 में टॉप शहरों में बिकने वाले घरों में से आधे यानी 50% वो थे जिनकी कीमत 1 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। यह पिछले साल से 14% ज्यादा है। कुल मिलाकर 1.75 लाख ऐसे महंगे घर बिके। यह दिखाता है कि अब मार्केट में हाई-वैल्यू घरों का दबदबा बढ़ रहा है।
मोटा-मोटा ये कि लोग अब सस्ते घरों की बजाय थोड़े महंगे लेकिन बेहतर घर लेना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि इनकम बढ़ी है और अफोर्ड कर सकते हैं। सस्ते घरों की मांग और नए लॉन्च दोनों कम हो गए हैं। मार्केट अब लग्जरी और प्रीमियम की तरफ जा रहा है।
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
07 Jan 2026 02:41 pm
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