
जियो-ब्लैकरॉक कार्यक्रम 'इन्वेस्टिंग फॉर ए न्यू एरा' में अंबानी ने भविष्यवाणी की है। (PC: RIL)
Mukesh Ambani Prediction: विकसित देशों की तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ती जा रही है। भारत की आर्थिक संभावनाओं को लेकर उद्योग जगत से बड़ा भरोसा सामने आया है और विश्व में भारत को लेकर उम्मीदें लगातार मजबूत हो रही हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा कि अगले 20 से 30 सालों में भारत 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की पूरी क्षमता रखता है। उनके अनुसार यह दौर देश की युवा पीढ़ी के लिए निवेश का ऐतिहासिक अवसर लेकर आया है, जहां सही फैसले लंबे समय तक संपत्ति बनाने में मदद कर सकते हैं।
मुंबई में आयोजित जियो-ब्लैकरॉक कार्यक्रम 'इन्वेस्टिंग फॉर ए न्यू एरा' (Investing for a New Era) में अंबानी ने कहा कि भारत परंपरागत रूप से सेविंग्स केंद्रित देश रहा है, लेकिन अब समय है कि सेविंग्स को निवेश (Saving to Investing) में बदला जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि घरेलू बचत को यदि कैपिटल मार्केट्स (Indian Capital Markets) में लगाया जाए, तो इससे परिवारों की वेल्थ बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उनके मुताबिक यंग इंडिया (Young India) को सेवर्स से इन्वेस्टर्स (Savers to Investors) बनने की जरूरत है, ताकि परिवारों की ग्रोथ के साथ-साथ देश की इकोनॉमी का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचे।
कार्यक्रम में ब्लैकरॉक इंक (BlackRock) के सीईओ लैरी फिंक (Larry Fink) ने भारत को लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन (Long Term Wealth Creation) का सबसे बड़ा अवसर बताया और कहा कि यह 'एरा ऑफ इंडिया' (Era of India) है, यानी यह भारत का दौर है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, मजबूत डेमोग्राफी और सुधरते कैपिटल मार्केट्स भारत को विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं। अंबानी ने इस विचार का समर्थन करते हुए कहा कि जो निवेशक भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ पर भरोसा करेंगे, वही आने वाले दशकों में सबसे अधिक रिटर्न हासिल करेंगे।
अंबानी ने भारत की मजबूती का आधार स्थिर नीतियों, राजनीतिक स्थिरता, बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और डिजिटल इंडिया पहल को बताया। 5G, डिजिटल पेमेंट और मजबूत कैपिटल मार्केट्स ने निवेश का माहौल बेहतर किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एआई शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। इसके जरिए उच्च गुणवत्ता वाली एजुकेशन, बेहतर हेल्थकेयर और प्रभावी सार्वजनिक सेवाएं 140 करोड़ लोगों तक किफायती तरीके से पहुंचाई जा सकती हैं।
Updated on:
05 Feb 2026 01:39 pm
Published on:
05 Feb 2026 01:38 pm
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