AI-generated Summary, Reviewed by Patrika
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर सख्त कदम उठाते हुए कर्नाटक के कारवार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। RBI ने बैंक की खराब वित्तीय स्थिति और जमाकर्ताओं के हितों को खतरे में बताते हुए यह कार्रवाई की। इस फैसले के बाद बैंक अब कोई भी बैंकिंग गतिविधि, जैसे जमा स्वीकार करना या निकासी की अनुमति देना, नहीं कर सकेगा।
RBI के अनुसार, कारवार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं थीं। यह बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की कुछ धाराओं का पालन करने में भी विफल रहा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक का संचालन जारी रखना जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हितों के लिए हानिकारक हो सकता है।
अगर आपका खाता इस बैंक में है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। RBI ने स्पष्ट किया है कि डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत प्रत्येक जमाकर्ता को 5 लाख रुपये तक की जमा राशि का बीमा कवर मिलेगा। बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 92.9% खाताधारक इस सीमा के दायरे में आते हैं, यानी उनकी पूरी जमा राशि सुरक्षित है।
तुरंत अपने खाते की स्थिति जांचें और पुष्टि करें कि आपका खाता कारवार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में है या नहीं।
DICGC की वेबसाइट या बैंक से संपर्क कर अपनी जमा राशि के दावे की प्रक्रिया शुरू करें।
RBI की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से अपडेट प्राप्त करें।
RBI का यह कदम वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में है। हाल के वर्षों में RBI ने कई सहकारी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के लाइसेंस रद्द किए हैं, जिनमें HCBL को-ऑपरेटिव बैंक, लखनऊ और बनारस मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक शामिल हैं। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य कमजोर वित्तीय स्थिति वाले बैंकों को बंद कर ग्राहकों के हितों की रक्षा करना है।
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
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Published on:
24 Jul 2025 01:54 pm


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