
इस साल मार्केट में काफी गिरावट आई है। (PC: AI)
Share Market Outlook: भारतीय शेयर बाजारों में चौतरफा गिरावट जारी है। 2025 में बेहतर रिटर्न देने वाली बड़ी कंपनियों का भी अभी बुरा हाल है। वहीं, मझोली और छोटी कंपनियों के साथ माइक्रोकैप और पेनी स्टॉक्स के निवेशकों में हाहाकार मचा हुआ है। 2026 में अब तक टॉप 1000 कंपनियों में से 600 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 10% से ज्यादा लुढ़क चुके हैं। वहीं, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप इंडेक्स के 70% से ज्यादा शेयरों ने 2026 के 23 दिन में ही निवेशकों को डबल डिजिट में नुकसान कराया है।
इस महीने अब तक सेंसेक्स-निफ्टी 4% से ज्यादा, तो स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 10% और माइक्रोकैप इंडेक्स 21% से ज्यादा टूट चुका है। इससे निवेशकों के 33 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए हैं।
शुक्रवार को भी भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। सेंसेक्स 770 अंक टूटकर 81,538 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 0.95% गोता लगाकर 25,048 के स्तर पर बंद हुआ। सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए। यूटिलिटी और रियल्टी शेयरों के इंडेक्स 3 फीसदी से भी अधिक टूट गए।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कमजोर तिमाही नतीजे, रुपए में रिकॉर्ड गिरावट और ग्लोबल अनिश्चितताओं ने मिलकर निवेशकों का मनोबल को कमजोर किया। निफ्टी के 200 दिनों के मूविंग एवरेज के नीचे जाने से टेक्निकल आउटलुक भी कमजोर हुआ है। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा। अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट का भी बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।
अमरीकी बाजार नियामक एसइसी ने कथित रिश्वतखोड़ी के मामले में अमरीकी जिला जज से भारत सरकार को बायपास कर अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को समन जारी करने की अनुमति मांगी है, इससे अडानी के शेयर क्रैश हो गए।
Published on:
24 Jan 2026 01:12 pm
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