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भारत की आर्थिक मजबूती: वैश्विक संकट में भी निवेशकों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना

भारत के शेयर बाजार विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं।

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भारत के शेयर बाजार विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। बाजार को जीडीपी के आंकड़ों में सुधार, आय में मजबूती और बेहतर तरलता स्थितियों का फायदा मिल रहा है। विशेष रूप से टैरिफ नीतियों में बदलाव के साथ ग्लोबल ट्रेड में जारी अस्थिरता के बावजूद भारत की मजबूती इसे एक खास पहचान देती है। सरकारी खर्च और पूंजीगत व्यय में तेजी के साथ, आने वाली तिमाहियों में अच्छे आर्थिक विकास की संभावना नजर आ रही है। मंदी से जूझ रही कॉर्पोरेट आय में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। अर्निंग्स में वित्त वर्ष 2026 में 15% और वित्त वर्ष 2027 में 14% की ग्रोथ का अनुमान है। निफ्टी 19.6 गुना पी/ई के फेयर वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। यह लगभग तीन सालों का इसका सबसे आकर्षक स्तर है। मध्यम अवधि का नजरिया अनुकूल प्रतीत होता है। इक्वेंटिस का मानना है कि अगली दो से तीन तिमाहियों में निफ्टी 25,000-26,000 की रेंज तक पहुंच जाएगा। बाजार के लिक्विडिटी में सुधार और निवेशकों के सेंटीमेंट में सुधार का फायदा मिलेगा। शॉर्ट टर्म उछाल से अधिक, बाजार इस समय एक अधिक मजबूत आर्थिक और कॉर्पोरेट अर्निंग साइकिल की ओर संरचनात्मक बदलाव की शुरुआत का संकेत दे रहा है।

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पहली बार निवेश करने वालों का वित्तीय आत्मविश्वास बढ़ाना

पहली बार निवेश करने वालों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अक्सर झिझक और आत्मविश्वास की कमी पर काबू पाना होती है। इस शुरुआती चरण को पार करने की कुंजी छोटी शुरुआत, स्पष्ट वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करना और सेबी-पंजीकृत सलाहकारों या विश्वसनीय निवेश प्लेटफॉर्मों के माध्यम से विश्वसनीय मार्गदर्शन प्राप्त करना है।

इक्वेंटिस सफल निवेश के लिए 3सी फ्रेमवर्क पर जोर देता है

स्पष्टता: निवेश के मूल सिद्धांतों को समझना महत्वपूर्ण है। इक्वेंटिस द्वारा डिज़ाइन किया गया एक प्लेटफ़ॉर्म, इनफॉर्म्ड इन्वेस्टोआरआर, इक्विटी निवेश के लिए स्पष्ट, पारदर्शी जानकारी प्रदान करके ज्ञान के अंतर को पाटने में मदद करता है।

स्थिरता: शेयर बाजार स्वाभाविक रूप से अस्थिर होते हैं, लेकिन समय के साथ अनुशासित निवेश से बेहतर रिटर्न मिल सकता है। जोश में आकर निर्णय लेने से बचना और दीर्घकालिक रणनीति के प्रति प्रतिबद्ध रहना जरूरी है।

कंपाउंडिंग: इसका मतलब है कि आपके निवेश पर जो ब्याज या मुनाफा मिलता है, उस पर भी आपको ब्याज या मुनाफा मिलता है। यह प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है, जिससे आपका पैसा तेजी से बढ़ता है।

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इक्वेंटिस वेल्थ एडवाइजरी सर्विसेज के फाउंडर और एमडी मनीष गोयल का मानना है कि इक्वेंटिस का अल्फाबेट कंप्यूटर प्रोग्राम बाजार के आंकड़ों को समझने के लिए 300 से ज्यादा तरीकों का इस्तेमाल करता है। साथ ही, हर निवेशक के हिसाब से निवेश का पोर्टफोलियो तैयार करता है, जिससे जोखिम कम होता है और मुनाफा बढ़ता है। यह डेटा का इस्तेमाल करके निवेश की योजना बनाता है, जो निवेशकों को लगातार पैसा बनाने में मदद करता है।

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लव सोनकर

लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


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