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Budget 2026 तमिलनाडु के साथ कर वितरण में भेदभाव, बोले मुख्यमंत्री स्टालिन,”High Tax Paying State को नजरअंदाज किया

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने Union Budget 2026-27 को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्टालिन ने कहा कि हाई टैक्स देने वाले तमिलनाडु को इस बजट में पूरी तरह नज़रअंदाज किया गया है और राज्य की मांगों को महत्व नहीं दिया गया। स्टालिन ने जताई निराशा, Budget 2026 में तमिलनाडु की मांग अनसुनी […]

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MK Stalin

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने Union Budget 2026-27 को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्टालिन ने कहा कि हाई टैक्स देने वाले तमिलनाडु को इस बजट में पूरी तरह नज़रअंदाज किया गया है और राज्य की मांगों को महत्व नहीं दिया गया।

स्टालिन ने जताई निराशा, Budget 2026 में तमिलनाडु की मांग अनसुनी

मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपने बयान में कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में राज्य को उम्मीद थी कि केंद्र की भाजपा सरकार इस बार राज्य के अधिकार और मांगों पर ध्यान देगी। लेकिन Budget 2026 में तमिलनाडु को लेकर कोई विशेष योजना या राहत की घोषणा नहीं की गई, जिससे राज्य को निराशा हाथ लगी है।

टैक्स शेयर बढ़ाने की मांग फिर से अनदेखी

स्टालिन ने बताया कि तमिलनाडु समेत कई राज्यों की यह पुरानी मांग है कि राज्यों को केंद्रीय टैक्स में हिस्सेदारी 41% से बढ़ाकर 50% की जाए, लेकिन एक बार फिर इस मांग को खारिज कर 41% पर ही रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला बेहद निराशाजनक है, खासकर तमिलनाडु जैसे राज्यों के लिए जो देश की आर्थिक वृद्धि में बड़ा योगदान देते हैं।

तमिलनाडु के राजस्व में भारी घाटा

मुख्यमंत्री ने बताया कि 16वीं वित्त आयोग ने राज्यों के आर्थिक विकास में अहम भूमिका मानी है, लेकिन तमिलनाडु को अगले पांच सालों के लिए सिर्फ 4.097% टैक्स शेयर मिला है। इसकी वजह से राज्य को सालाना लगभग 5,000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु की वित्तीय अनदेखी लगातार जारी है और इसे नए आयोग ने भी नहीं सुधारा।

केंद्रीय योजनाओं में कटौती से चिंता

स्टालिन ने केंद्रीय करों में तमिलनाडु के हिस्से में इस साल लगभग 1,200 करोड़ रुपए की कटौती की आलोचना की, खासकर ऐसे समय में जब जीएसटी व्यवस्था के कारण राज्यों की आय पहले ही प्रभावित है। उन्होंने प्रमुख केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में कटौती का भी मुद्दा उठाया। जल जीवन मिशन के बजट में भारी कटौती पर चिंता जताते हुए स्टालिन ने बताया कि तमिलनाडु की लंबित दावा राशि 3,112 करोड़ रुपए के बावजूद, बजट अनुमानों में आवंटन 67,000 करोड़ से घटाकर संशोधित अनुमानों में मात्र 17,000 करोड़ कर दिया गया है।

तमिलनाडु के अधिकार और बजट में अनदेखी पर सवाल

मुख्यमंत्री ने बार-बार दोहराया कि राज्य की उपेक्षा और बजटीय आवंटनों में कटौती राज्य के हितों के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र सरकार से तमिलनाडु के हक की मांग की और कहा कि इतनी बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद राज्य के साथ भेदभाव जारी है।