
नोटों की गिनती करते लोग (फोटो-पत्रिका)
चित्तौड़गढ़। कृष्ण भक्ति और आस्था के प्रसिद्ध केंद्र श्रीसांवलियाजी सेठ के दरबार में एक बार फिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था देखने को मिली है। भगवान सांवलिया सेठ के प्रति भक्तों की विश्वास भरी भावना का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज एक माह में मंदिर को 35 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। यह राशि न केवल भक्ति की गहराई को दर्शाती है, बल्कि सांवलियाजी सेठ के दरबार की लोकप्रियता और मान्यता को भी रेखांकित करती है।
17 जनवरी को चतुर्दशी के अवसर पर खोले गए मंदिर के दानपात्र की गणना शुक्रवार को पूरी हुई। यह प्रक्रिया मंदिर बोर्ड अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव की मौजूदगी में छठे और अंतिम चरण के साथ संपन्न की गई। मंदिर मंडल अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतिम चरण की गणना में 8 लाख 31 हजार 127 रुपये नकद प्राप्त हुए। इससे पहले पांच चरणों में 28 करोड़ 59 लाख 82 हजार 41 रुपये की गणना की जा चुकी थी। इस प्रकार दानपात्र से कुल 28 करोड़ 68 लाख 13 हजार 168 रुपये नकद प्राप्त हुए।
नकद राशि के अलावा मंदिर को बहुमूल्य धातुओं के रूप में भी भारी दान मिला है। भक्तों ने अपनी मन्नत पूरी होने और मनोकामना सफल होने पर सोने-चांदी के आभूषण अर्पित किए। तौल के बाद मंदिर के खजाने में 592 ग्राम सोना और 112 किलो 723 ग्राम चांदी जमा कराई गई। यह आभूषण भंडार और भेंट कक्ष से प्राप्त हुए, जिन्हें विधिवत प्रक्रिया के तहत दर्ज किया गया।
मंदिर परिसर में स्थित कार्यालय और भेंट कक्ष में भी श्रद्धालुओं ने उदारता से दान किया। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, मनी ऑर्डर और रसीद कटवाकर भक्तों ने 6 करोड़ 72 लाख 80 हजार 145 रुपये की राशि जमा कराई। डिजिटल माध्यमों से बढ़ता दान यह दर्शाता है कि आधुनिक सुविधाओं के साथ श्रद्धा का स्वरूप भी बदल रहा है।
पूरी गणना प्रक्रिया कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुई। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में बैंक कर्मियों, मंदिर स्टाफ और बोर्ड सदस्यों की मौजूदगी में यह कार्य किया गया। इस दौरान मंदिर बोर्ड सदस्य पवन तिवारी, हरिराम गाडरी, रामलाल गुर्जर, किशनलाल अहीर, लेखाधिकारी राजेन्द्र सिंह और मंदिर प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
Published on:
23 Jan 2026 09:39 pm
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