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मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में इस जिले ने पकड़ी रफ्तार, पंजीयन हुए 33 हजार

पशुपालन विभाग के अनुसार योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि पशु हानि की स्थिति में उन्हें बीमा का लाभ मिल सके।

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प्रदेश में पशु बीमा से दूर, नहीं हो रहा उनका ‘मंगल’

चूरू. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा (BIMA) योजना को लेकर जिले में चलाया जा रहा अभियान गति पकड़ रहा है। योजना के तहत चूरू जिले को 71 हजार 500 पंजीयन का लक्ष्य दिया गया है, जिसके मुकाबले अब तक 33 हजार 847 पशुपालकों का पंजीयन किया जा चुका है। यह आंकड़ा लक्ष्य के लगभग आधे के करीब पहुंच चुका है, जिससे प्रशासन और पशुपालन विभाग को उम्मीद है कि निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

पशुपालन विभाग के अनुसार योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि पशु हानि की स्थिति में उन्हें बीमा का लाभ मिल सके। इसी कड़ी में जिलेभर में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता और पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है।

जन आधार से मिल रहा सीधा लाभ
पशुपालन विभाग के गोपालन प्रकोष्ठ अधिकारी डॉ. बीआर बॉयल ने बताया अभियान के तहत जन आधार कार्ड (Jan Aadhar Card) के माध्यम से अब तक 8 हजार 68 पशुपालकों को सीधे लाभान्वित किया जा चुका है। इससे पंजीयन प्रक्रिया पारदर्शी होने के साथ-साथ लाभार्थियों की पहचान भी सरल हुई है। जन आधार आधारित पंजीयन से फर्जी कार्य की संभावनाएं भी लगभग समाप्त हो गई हैं।

7 हजार से अधिक बीमा, 16 हजार से ज्यादा पशु कवर
योजना के अंतर्गत अब तक 7 हजार 144 पशुओं का बीमा किया जा चुका है, जबकि कुल 16 हजार 152 पशुओं को योजना में शामिल किया गया है। इसमें गाय, भैंस, भेड़, बकरी सहित अन्य उपयोगी पशुओं को बीमा सुरक्षा दी जा रही है। पशुपालकों में योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां पशुपालन आजीविका का मुख्य साधन है।

स्वास्थ्य प्रमाण पत्र वितरण में भी तेजी
बीमा से पहले पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य होने के कारण जिले में 17 हजार 850 पशुपालकों को स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके लिए पशु चिकित्सकों और तकनीकी स्टाफ की टीमें लगातार गांव-गांव जाकर पशुओं की जांच कर रही हैं। इससे पशुओं के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

सात ब्लॉकों में बांटा गया लक्ष्य
योजना के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए जिले को सात ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक में संबंधित पशुधन निरीक्षक और पशु परिचर को प्रतिदिन 30 पंजीयन का लक्ष्य दिया गया है। इस रणनीति से कार्य में गति आई है और नियमित मॉनिटरिंग भी संभव हो रही है।

58 डॉक्टर संभाल रहे बीमा का जिम्मा
संयुक्त निदेशक डाॅ. सुनील मेहरा के अनुसार जिले में इस अभियान के लिए 58 पशु चिकित्सक बीमा से संबंधित कार्यों में लगे हुए हैं। ये चिकित्सक न केवल स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं, बल्कि पशुपालकों को योजना की शर्तों, लाभ और प्रक्रिया की जानकारी भी दे रहे हैं।