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पाकिस्तान के वर्ल्ड कप नहीं खेलने के फैसले पर विवाद, PCB के खिलाफ इन दिग्गजों ने खोला मोर्चा, कहा – बांग्लादेश का समर्थन…

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज, इंजमाम-उल-हक, पूर्व पीसीबी चेयरमैन खालिद महमूद, मोहम्मद यूसुफ, मोहसिन खान और पूर्व सचिव आरिफ अली अब्बासी ने एक सुर में कहा है कि बांग्लादेश का समर्थन करना एक बात है, लेकिन इसके लिए आईसीसी से रिश्ते बिगाड़ना पाकिस्तान क्रिकेट के हित में नहीं होगा।

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भारत

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Siddharth Rai

Jan 28, 2026

Pakistan announce squad for T20 World Cup 2026

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए पाकिस्तान टीम का ऐलान (फोटो सोर्स: IANS)

टी20 विश्व कप 2026 से बांग्लादेश के बाहर होने के बाद न सिर्फ बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को बड़ा आर्थिक झटका लगना तय है, बल्कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट राजनीति में भी नई हलचल पैदा कर चुका है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश के इस रुख का खुलकर समर्थन किया है और यहां तक कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को टी20 विश्व कप से हटने की धमकी भी दी है। हालांकि, पाकिस्तान के कई पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने पीसीबी को इस रास्ते पर आगे बढ़ने से सावधान किया है।

पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों ने किया विरोध

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज, इंजमाम-उल-हक, पूर्व पीसीबी चेयरमैन खालिद महमूद, मोहम्मद यूसुफ, मोहसिन खान और पूर्व सचिव आरिफ अली अब्बासी ने एक सुर में कहा है कि बांग्लादेश का समर्थन करना एक बात है, लेकिन इसके लिए आईसीसी से रिश्ते बिगाड़ना पाकिस्तान क्रिकेट के हित में नहीं होगा।

मोहम्मद हफीज ने कहा पाकिस्तान का नुकसान होगा

मोहम्मद हफीज ने साफ कहा, “पीसीबी को पाकिस्तान टीम को टी20 विश्व कप में जरूर भेजना चाहिए। अगर पाकिस्तान ऐसा नहीं करता, तो सबसे ज्यादा नुकसान पाकिस्तान क्रिकेट को ही होगा।” पूर्व पीसीबी सचिव आरिफ अली अब्बासी ने भी इस फैसले की व्यवहारिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मैं समझ सकता हूं कि पाकिस्तान बांग्लादेश का समर्थन कर रहा है, लेकिन टीम न भेजकर पीसीबी आखिर हासिल क्या करेगा? इससे केवल आईसीसी और दूसरे सदस्य बोर्डों के साथ रिश्ते खराब होंगे।”

श्रीलंका से भी खराब हो जाएंगे रिश्ते

अब्बासी ने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान के सभी विश्व कप मुकाबले श्रीलंका में होने हैं। उन्होंने कहा, "अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है, तो श्रीलंका को भी भारी नुकसान होगा, क्योंकि भारत सहित हमारे सभी मुकाबले वहीं होने हैं।” पूर्व पीसीबी चेयरमैन खालिद महमूद ने पीसीबी के रुख को सैद्धांतिक रूप से सही बताते हुए इसे व्यावहारिक नजरिए से देखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “यह याद रखना चाहिए कि आईसीसी की बैठक में बांग्लादेश की मांग का समर्थन पाकिस्तान के अलावा किसी और बोर्ड ने नहीं किया। सिद्धांत अपनी जगह हैं, लेकिन अंतिम फैसला पाकिस्तान क्रिकेट के दीर्घकालिक हित में होना चाहिए।”

पूर्व मुख्य चयनकर्ता मोहसिन खान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “भारत के साथ हमारे मतभेद हैं, लेकिन हम अपने सभी मैच श्रीलंका में खेल रहे हैं। ऐसे में विश्व कप से हटने का कोई तर्क नहीं बनता।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड खुद आईसीसी के फैसले को चुनौती नहीं दे रहा है, तो पीसीबी किस आधार पर टीम न भेजने की बात कर रहा है। उन्होंने कहा, "इससे हमारे क्रिकेट को ही नुकसान होगा।"

पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक और मोहम्मद यूसुफ ने भी बोर्ड से अंतिम फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। इंजमाम ने कहा, “मैं व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तान को विश्व कप में खेलते देखना चाहता हूं। हमारे पास प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन देश के क्रिकेट के लिए बेहद जरूरी है।”

वहीं पूर्व टेस्ट बल्लेबाज़, सीनियर और जूनियर टीमों के कोच और पूर्व मुख्य चयनकर्ता हारून राशिद का मानना है कि पाकिस्तान अंततः टी20 विश्व कप में हिस्सा लेगा। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश का समर्थन करना अच्छी बात है, लेकिन अब समय आ गया है कि पाकिस्तान अपने क्रिकेट हितों को भी प्राथमिकता दे।”

विवाद की जड़ क्या है?

इस पूरे विवाद की शुरुआत बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ कथित हिंसा के विरोध से हुई। भारत में कई संगठनों ने आईपीएल 2026 से बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ मुस्तफिजुर रहमान को बाहर करने की मांग की। बीसीसीआई के निर्देश के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया। इसके जवाब में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और वहां की सरकार ने आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगाने का फैसला लिया और अपनी टीम को विश्व कप मैचों के लिए भारत न भेजने का निर्णय किया। बीसीबी ने आईसीसी से अपने मुकाबले श्रीलंका में कराने या फिर ग्रुप बदलने की मांग की, लेकिन आईसीसी ने इसे खारिज कर दिया।

पाकिस्तान का समर्थन और आईसीसी का रुख

पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर बांग्लादेश का खुलकर समर्थन किया। पीसीबी ने बांग्लादेश को भारत न आने के अपने फैसले पर डटे रहने की सलाह दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। आईसीसी बोर्ड की बैठक में बांग्लादेश के समर्थन में वोट देने वाला पाकिस्तान एकमात्र देश था। पीसीबी ने आईसीसी को यह सुझाव देते हुए ईमेल भी किया कि टूर्नामेंट के आयोजन स्थल भारत से हटाकर श्रीलंका किए जाएं।

हालांकि, आईसीसी ने बांग्लादेश के खिलाड़ियों की सुरक्षा की गारंटी देते हुए उनके अनुरोध को खारिज कर दिया और भारत में ही मैच खेलने की सलाह दी। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपनी सरकार की सलाह पर अड़ा रहा और अंततः टी20 विश्व कप 2026 से बाहर हो गया। उसकी जगह आईसीसी ने स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया।

पीसीबी का मानना है कि जब पाकिस्तान के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाया गया, तो बांग्लादेश के लिए ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता। इसी मुद्दे पर पाकिस्तान ने विश्व कप से हटने की धमकी दी है। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने साफ किया है कि पाकिस्तान टी20 विश्व कप में हिस्सा लेगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ करेंगे। सोमवार या मंगलवार तक विश्व कप में शामिल होने या न होने पर पाकिस्तान की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।