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ईशान किशन ने क्यों की 5वें टी20 में विकेटकीपिंग, संजू सैमसन को बाहर करने का प्लान हो रहा तैयार?

ईशान की शतकीय पारी के बाद कयास लगाए जाने लगे कि अब उन्हें टी20 वर्ल्ड कप में सैमसन कि जगह सलामी बल्लेबाजी करने का मौका भी मिल सकता है। इस बात को और हवा तब मिली जब ईशान किशन विकेटकीपिंग ग्लव्स पहनकर मैदान पर उतरे।

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भारत

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Siddharth Rai

Feb 01, 2026

IND vs NZ

विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन और कप्तान सूर्यकुमार यादव (photo - BCCI)

India vs New Zealand 5th T20: न्यूज़ीलैंड के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 मैच में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 46 रनों से जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज़ को 4-1 से अपने नाम कर लिया। यह मैच तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया, जो विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन का होम ग्राउंड है।

नहीं चला संजू सैमसन का बल्ला

सभी की निगाहें संजू सैमसन पर टिकी थीं। उम्मीद थी कि वे घरेलू मैदान पर फॉर्म में लौटेंगे और अच्छा प्रदर्शन कर अपनी जगह मजबूत करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। संजू सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। पूरी सीरीज़ में उनका बल्ला खामोश रहा। संजू ने पांच मुकाबलों में 9.20 की औसत से सिर्फ 46 रन बनाए।

ईशान किशन ने जड़ा तूफानी शतक

दूसरी ओर, ईशान किशन ने इस मैच में धमाकेदार पारी खेली। ईशान ने 43 गेंदों में चार चौके और 10 छक्के की मदद से 103 रन बनाए। यह उनका अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का पहला शतक था। ईशान की इस विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 271 रन बनाए, जो भारत का टी20 इंटरनेशनल में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। मैच के बाद ईशान को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

ईशान किशन के लिए शानदार रही यह सीरीज

ईशान ने सीरीज़ में चार मैचों में 53.75 की औसत से 215 रन बनाए। उनके शतक और शानदार फॉर्म ने कई सवाल खड़े कर दिए। खासकर जब वे दूसरी पारी में विकेटकीपिंग ग्लव्स पहनकर मैदान पर उतरे। इससे अटकलें लगने लगीं कि क्या टी20 वर्ल्ड कप में संजू की जगह ईशान को सलामी बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में मौका मिल सकता है?

पहले से तय था कि ईशान विकेट कीपिंग करेंगे

हालांकि, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकेटकीपिंग का फैसला सीरीज़ शुरू होने से पहले ही हो चुका था। सूर्यकुमार ने कहा, "चूंकि तिलक वर्मा उपलब्ध नहीं थे, इसलिए पहले मैच से ही दोनों विकेटकीपर संजू और ईशान प्लेइंग इलेवन में शामिल थे। हमने सीरीज़ से पहले ही तय कर लिया था कि संजू तीन मैचों में विकेटकीपिंग करेंगे और ईशान दो मैचों में। ईशान पिछले मैच में चोट के कारण नहीं खेल पाए थे, लेकिन आज उनका विकेटकीपिंग करना पहले से तय था।"

कप्तान ने ईशान की तारीफ करते हुए कहा कि टीम का संदेश उनके लिए हमेशा एक जैसा रहा है, निडर होकर खेलो और अपनी नैसर्गिक शैली से कभी समझौता मत करो। उन्होंने आगे कहा, "हम जानते हैं कि ईशान क्या करने में सक्षम है। सीरीज़ से पहले उसके घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को हमने बारीकी से देखा था। हमने उससे यही कहा था कि चाहे वह ओपनिंग करे या नंबर तीन पर उतरे, अपनी पहचान कभी न बदलें।"

अपनी फॉर्म के बार में सूर्या ने क्या कहा

सूर्या ने फॉर्म में वापस लौटने पर खुशी जताते हुए कहा है कि उन्हें मालूम था कि वह आउट ऑफ फॉर्म नहीं थे, बस रन नहीं बन पा रहे थे। भारतीय कप्तान ने इस सीरीज में सर्वाधिक 242 रन बनाए। जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, "बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। यह साल लंबा रहा और ऐसे पलों के लिए इंतजार भी काफी लंबा था। मैं हमेशा से सपना देखता रहा हूं कि यह वक्त कब आएगा। आपने (मुरली कार्तिक) अहमदाबाद में कहा था कि जब स्काई (सूर्युकमार यादव) होता है, तो डरने की जरूरत नहीं। मैं पिछले एक साल से जो करता आ रहा था, वही करता रहा और अपनी दिनचर्या पर कायम रहा। मुझे पता था कि मैं आउट ऑफ फॉर्म नहीं हूं, बस रन नहीं बन रहे थे। यह सीरीज मेरे लिए काफी अच्छी रही और ऐसे एहसास के साथ वर्ल्ड कप में जाना बहुत खास है।"

उन्होंने कहा, "पिछली सीरीज के बाद मुझे दो-तीन हफ्ते मिले। इस दौरान मैं अपने करीबी दोस्तों के साथ रहा, उन्होंने मुझे कुछ अहम बातें बताईं, जिन्हें अपनाना जरूरी था। यही एक खिलाड़ी की जिंदगी है। मैंने सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि दूसरे खेलों में भी कई ऐसे खिलाड़ी देखे हैं, जो ऐसे दौर से गुजरते हैं। मुझे भरोसा था कि अगर मैं छोटी-छोटी चीजें सही करता रहा, तो मेरा वक्त जरूर आएगा। चीजें जिस तरह से आगे बढ़ी हैं, उससे मैं बहुत खुश हूं।"

कप्तान सूर्या ने कहा, "जीत हो या हार, हर मैच से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। जब हम मुंबई लौटकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच खेलेंगे, तो बैठकर पिछले पांच मुकाबलों और पूरे साल का विश्लेषण करेंगे। इसके बाद हम अपना अभियान शुरू करेंगे।"

उन्होंने कहा, "यह फॉर्मेट गेंदबाजों के लिए काफी मुश्किल है। मैं इसे पूरी तरह समझता हूं। जब आप विशाल स्कोर बनाते हैं, तो विरोधी टीम का जोरदार पलटवार करना तय होता है। कप्तान के तौर पर और एक गेंदबाजी यूनिट के रूप में आप हमेशा दबाव में रहते हैं। अहम बात यह है कि आपके पास अच्छे प्लान हों। यह सब सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। हम बैठेंगे, इस पर चर्चा करेंगे और आगे बढ़ेंगे।"