
कामसुंदरी देवी । फोटो-X/@bisnujha
दरभंगा के महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी और आखिरी महारानी कामासुंदरी देवी का सोमवार की सुबह निधन हो गया। 'महारानी' पिछले छह महीनों से बीमार थीं। महारानी कामासुंदरी देवी ने दरभंगा में महाराजा के कल्याणी आवास पर आखिरी सांस ली। उनकी मौत पर शाही परिवार के सदस्यों सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शोक व्यक्त किया है।
महाराजा कामेश्वर सिंह ने 1940 में कामासुंदरी देवी से शादी की थी। उन्होंने पहले महारानी राजलक्ष्मी और महारानी कामेश्वरी प्रिया से शादी की थी। महारानी कामासुंदरी देवी का जन्म 1930 में हुआ था। महाराजा कामेश्वर सिंह दरभंगा के आखिरी शासक थे और 1962 में उनका निधन हो गया। उनकी पहली पत्नी, महारानी राजलक्ष्मी का निधन 1976 में हुआ, जबकि उनकी दूसरी पत्नी, महारानी कामेश्वरी प्रिया का निधन 1940 में हुआ।
महाराजा की मृत्यु के बाद, महारानी कामासुंदरी देवी ने उनकी याद में कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की। इस फाउंडेशन के माध्यम से, उन्होंने महाराजा के नाम पर एक लाइब्रेरी स्थापित की, जिसमें आज भी 15,000 से अधिक किताबें हैं। महारानी कल्याणी फाउंडेशन के माध्यम से साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रबंधन करती रहीं। महारानी की मृत्यु को दरभंगा शाही परिवार के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है।
दरभंगा राज परिवार की ओर से भारत-चीन युद्ध के दौरान साल 1962 में दरभंगा के इंद्रभवन मैदान में 15 मन यानी करीब 600 किलो सोना तौलकर देश को दान दिया था। इतना ही नहीं, राज परिवार ने अपने तीन विमान भी देश को सौंप दिए थे। इसके परिवार की ओर से 90 एकड़ में फैला निजी एयरपोर्ट भी सरकार को दान के रूप में दे दिया था। आज दरभंगा एयरपोर्ट इसी भूमि पर है।
महारानी कामसुंदरी देवी के अंतिम संस्कार को लेकर महारानी के दो परिवार आपस में भिड़ गए हैं। बकझक से शुरू हुआ विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद पुलिस जवानों कड़ी मशक्कत के बाद किसी प्रकार से स्थिति को संभाला।प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों पक्ष महारानी के मायके से जुड़े हैं।
Updated on:
12 Jan 2026 07:08 pm
Published on:
12 Jan 2026 12:37 pm
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