AI-generated Summary, Reviewed by Patrika
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बांदीकुई। रेल प्रशासन ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए आबादी क्षेत्रों में ट्रैक के दोनों ओर सीमेंट की पक्की दीवार का निर्माण शुरू किया है। लोहे के सरिए डालकर बनाई जा रही यह दीवार पांच से छह फीट ऊंची होगी। इसका मुख्य उद्देश्य पशुओं के ट्रैक पर आने से रोक लगाना और ट्रैक सुरक्षित होने पर ट्रेनों की गति बढ़ाना है। इसके अलावा रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण पर भी अंकुश लगेगा।
रेल सूत्रों के अनुसार बस्सी से अलवर के बीच करीब 120 किलोमीटर दूरी में आबादी वाले गांव और शहरी क्षेत्रों में लगभग 15 किलोमीटर लंबी दीवार बनाई जा रही है। परियोजना पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं और बांदीकुई, बसवा, दौसा, बस्सी और अलवर में युद्धस्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है।
शहरी क्षेत्रों में ट्रैक के दोनों ओर कॉलोनियां बसी हैं। दीवार बनने के बाद ट्रैक पार कर एक कॉलोनी से दूसरी कॉलोनी में जाने वाले रास्ते बंद हो जाएंगे। इससे ग्रामीणों को दूध लेने और श्मशान घाट जाने में परेशानी होगी। लोगों ने मार्ग खोलने की मांग की है, लेकिन रेल प्रशासन ने इसे मंजूर नहीं किया है।
आबादीहीन क्षेत्रों में पहले ही स्टील की सेफ्टी फेंसिंग और सीमेंट के पिलर लगाए जा चुके हैं। बस्सी से अलवर तक 120 किलोमीटर लंबाई में फेंसिंग की गई है, जिसमें लगभग 42 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इससे ट्रैक की सुरक्षा काफी हद तक बढ़ जाएगी।
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
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Published on:
05 Jan 2026 02:15 pm


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