
- साल 2017 से अभी तक 12 बच्चे दत्तक ग्रहण
धौलपुर. राजकीय विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण में प्रवेशित नवजात बालिका को विधिक प्रक्रिया के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट श्रीनिधि बी टी ने दत्तक-ग्रहण में दत्तक माता-पिता को सौंपा गया। इस मानवीय पहल से जहां मासूम को माता-पिता का आसरा मिला। वहीं वर्षो से संतान सुख की प्रतीक्षा कर रहे दत्तक माता-पिता के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि आज उनका परिवार पूर्ण हो गया है और वे बालिका को प्रेम, सुरक्षा एवं उज्जवल भविष्य प्रदान करेंगे। दत्तक माता-पिता राजस्थान के बाहर के हैं।
विधिक प्रक्रिया से सुरक्षित दत्तक.ग्रहण एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक देवेन्द्र सिंह जांगल ने बताया कि बालिका लावारिस अवस्था में मिलने पर अज्ञात महिला की ओर से अस्पताल में प्रवेशित कराया गया। जहां से बालिका को चाइल्ड लाइन एवं पुलिस की सहायता से बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति के आदेशानुसार बालिका को राजकीय चिकित्सालय में उपचार तत्पश्चात् शिशु गृह में उपचार एव पालन पोषण प्रदान किया गया। परिजन तलाश किए पर नहीं लिमे। 2 माह तक कोई दावा प्रस्तुत नहीं होने पर बाल कल्याण समिति ने बालिका को विधिक रूप से दत्तक.ग्रहण के लिए स्वतंत्र घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि जिला मजिस्ट्रेट की ओर से अभी तक कुल 4 नवजात शिशुओं को दत्तक.ग्रहण में दिया गया है।
इस मौके पर अधीक्षक मुरारीलाल मीना, किशोर गृह के कनिष्ठ सहायक संजय सिंह, जिला बाल संरक्षण इकाई प्रोटेक्शन ऑफिसर पवन कुमार व दत्तकग्राही माता-पिता आदि मौजूद रहे।
आज कई परिवारों की खुशियों से भरी झोलीभारत सरकार के मिशन वात्सलय पोर्टल के माध्यम से नि:शुल्क ऑनलाइन आवेदन कर वैधानिक रूप से दत्तक ग्रहण कर सकते है। दत्तकग्राही माता-पिता एवं बच्चे की समस्त जानकारी गुप्त रखी जाती है। जिले से 2017 से अभी तक 1 दर्जन बच्चे इस प्रक्रिया से दिए जा चुके हैं। नवम्बर 2024 में एक बालिका, 2025 में फरवरी में बालिका और दिसम्बर में एक बालक ओर इस साल फरवरी में यह पहली बालिका को दत्तक ग्रहण किया है।
झाडिय़ों में छोड़े नन्हीं जान कोअधीक्षक मुरारी लाल मीना राजकीय विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण ने आमजन से अपील की है कि अनचाहे नवजात शिशुओं को असुरक्षित स्थानों झाडिय़ा, जंगल, सुनसान स्थान, या कचरे के ढेर में न छोड़े, बल्कि राजकीय चिकित्सालय एवं विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभीकरण में स्थापित शिशु पालना केन्द्र में सुरक्षित परित्याग करें अथवा जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष अभ्यर्पित करें। अभ्यर्पण की समस्त प्रक्रिया बन्द कमरे में की जाती है और इसकी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं की जाती। जिले में पालना गृह-राजकीय मातृ एवं शिशु स्वास्थय संस्थान राजकीय सामान्य चिकित्सालय धौलपुर, राजकीय उप जिला चिकित्सालय बाड़ी एवं राजकीय विशिष्ट दत्तक.ग्रहण अभीकरण परिसर में स्थित है। जहॉ सुरक्षित परित्याग पर किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही नहीं की जाती है।
Published on:
05 Feb 2026 06:34 pm
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