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5 महीने बाद कब्र से निकलेगा सच! गाजियाबाद में नवविवाहिता का संदिग्ध हालात में मिला था शव

Ghaziabad Pregnant Woman: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पांच महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में नवविवाहिता की मौत हो गई थी। अब अदालत ने कब्र से उसका शव निकालकर जांच के आदेश दिए हैं।

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Ghaziabad pregnant woman suspicious death case

प्रतिकातम तस्वीर

Ghaziabad Pregnant Woman: गाजियाबादमें पांच महीने पहले एक गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत की खबर सामने आई थी। इस घटना को लेकर मृतक महिला के भाई ने नजदीक ही थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस से मामले की जांच-पड़ताल की उम्मीद जताई थी। लेकिन पुलिस ने मामले की सुध नहीं ली तो मृतक महिला के भाई ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और मदद की गुहार लगाई।

कब हुई थी गर्भवती महिला की मौत?

जिले के इंदिरापुरम के प्रह्लादगढ़ी इलाके में 3 अक्तूबर 2025 को हुई एक गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत का मामला पांच महीने बाद अब नए अंजाम तक पहुंच गया है। गर्भवती मृतक महिला उजमा सैफी के भाई ने अदालत से दरख्वास्त की थी कि उजमा सैफी के शव को कब्र से निकलवाकर उसका पोस्टमॉर्टम करवाया जाए। इस गुहार पर मोहर लगाते हुए अदालत ने हामी दे दी है। इसके साथ ही पुलिस को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।

परिवार करता था मानसिक रूप से परेशान

दिल्ली के निहार विहार निवासी फहीम सैफी ने अदालत में बताया कि उनकी बहन उजमा सैफी की शादी 23 फरवरी 2024 को
प्रह्लादगढ़ी निवासी साजिद सैफी से हुई थी। साजिद सैफी पर आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही उजमा को दहेज के लिए मानसिक रूप से परेशान किया जाने लगा। यह प्रताड़ना की जानकारी परिवार को समय-समय पर मिलती रहती थी।

अचानक मिली उजमा की मौत की खबर

3 अक्तूबर 2025 को फहीम को सूचना मिली कि उजमा अपने घर में बेहोशी की हो गई है तभी सब लोग उजमा के घर पहुंचते हैं तो देखते हैं कि उजमा बेहोश हालत में जमीन पर पड़ी है। वहीं दूसरी ओर उन्होंने देखा कि उजमा के शव को दफनाने की तैयारी की जा रही थी। परिवार का कहना है कि उजमा गर्भवती थी और उसकी मौत सामान्य नहीं थी। आरोप लगाया गया कि उजमा और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की हत्या की गई।

पुलिस ने मामले की जांच ठीक से नहीं की।

फहीम ने बताया कि इस मामले में थाने में शिकायत देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराने और विस्तृत जांच कराने के आदेश दिए।