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सहारा चिटफंड कंपनी के 12 डायरेक्टर भगोड़ा घोषित, फोरम में जवाब के लिए नहीं हो रहे थे उपस्थित

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (उपभोक्ता फोरम) सहारा क्रेडिट सोसायटी व स्टार मल्टीपरज क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी के 12 डायरेक्टरों को भगोड़ा घोषित कर दिया। ये आयोग में न जवाब देने के लिए उपस्थित हो रहे थे और न निवेशकों का पैसा लौटा रहे थे। इस कारण डायरेक्टरों को भगोड़ा घोषित कर सूची चस्पा कर दी। […]

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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (उपभोक्ता फोरम) सहारा क्रेडिट सोसायटी व स्टार मल्टीपरज क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी के 12 डायरेक्टरों को भगोड़ा घोषित कर दिया। ये आयोग में न जवाब देने के लिए उपस्थित हो रहे थे और न निवेशकों का पैसा लौटा रहे थे। इस कारण डायरेक्टरों को भगोड़ा घोषित कर सूची चस्पा कर दी। पुलिस ने आयोग में लिखकर दिया कि आरोपी मिल नहीं रहे हैं। इनकी कई जगहों पर तलाश की गई। स्थायी फरार घोषित कर दिया।

दरअसल सहारा ने अंचल में चिटफंड का बड़ा कारोबार किया। सहारा की अलग-अलग क्रेडिट सोसायटियों ने धन दुगना करने का लालच दिया। लोगों ने पैसा निवेश किया। जब पॉलिसी पूरी हो गई तो पैसा नहीं लौटाया। लंबे इंतजार के बाद लोगों ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में केस दायर किए। फोरम ने 45 दिन में पैसा लौटाने का आदेश दिया, लेकिन निवेशकों को पैसा नहीं मिला। इसके बाद निवेशकों की ओर से अधिवक्ता सत्या शर्मा ने इजरा (वसूली के लिए) की कार्रवाई का केस लगाया। आयोग द्वारा डायरेक्टरों को बुलाया जा रहा था, लेकिन उपस्थित नहीं हो रहे थे। सिर्फ वकील मौजूद थे। वारंट भी जारी किया गया। अब डायरेक्टरों को भगोड़ा घोषित किया है। प्रशांत वर्मा, अरविंद उपाध्याय, प्रलय कुमार, बीरेंद्र कुमार, अंजूलता, सुधीर कुमार, पूजा शर्मा, संजय कुमार, डीके श्रीवास्तव, देवेंद्र कुमार को भगोड़ा घोषित किया गया है।

क्या है विवाद

सहारा की चार कंपनियों ने ग्वालियर सहित अंचल में चिटफंड का कारोबार किया था। करीब 5 हजार करोड़ से अधिक का निवेश कंपनियों में कराया। निवेशकों को पॉलिसी भी दी गई।

- सहारा की पॉलिसियों का समय पूरा हो चुका है, लेकिन निवेशकों को पैसा नहीं मिला। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में कंपनियों के खिलाफ निवेशकों ने केस लगाए। आयोग में करीब 500 केस चल रहे हैं। इसके अलावा सहारा के निवेशों को पैसा लौटाने के लिए सेबी ने भी पोर्टल बनाया है, लेकिन लोगों को पैसा नहीं मिला है। इसलिए आयोग में केस लगाए।

- जिन केसों में पैसा लौटाने का आदेश हो चुका है। सहारा को ब्याज सहित पैसा निवेशकों को देना है, लेकिन पैसा वापस नहीं हुआ तो वसूली के लिए केस लगाया है।

इन कंपनियों ने किया था कारोबार

सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी

स्टार्स मल्टीपरपज़ कोऑपरेटिव सोसायटी

सहारायन मल्टीपरपज़ कोऑपरेटिव सोसायटी

सहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट रेंज प्राइवेट लिमिटेड

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लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


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