
MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के खिलाफ दायर एक महत्वपूर्ण प्रकरण में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अचानक बढ़े बिजली बिल को सेवा में कमी मानते हुए बिजली कंपनी को संशोधित बिल जारी करने और क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं।
प्रकरण में सामने आया कि स्मार्ट मीटर लगाने के दो दिन के भीतर ही उपभोक्ता का बिजली बिल चार गुना बढ़ गया। अप्रैल 2025 में 159 यूनिट खपत पर 437 रुपए का बिल जारी हुआ था, लेकिन दो दिन बाद ऑनलाइन पोर्टल पर 157 यूनिट खपत के साथ 1830 रुपए की राशि दर्शा दी गई।
शशि वाजपेयी ने आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि बिजली कंपनी ने बिना स्पष्ट सहमति के उनका पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिया। विरोध के बाद पुराना मीटर दोबारा लगाया गया, लेकिन इसका सही रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया गया। आयोग ने माना कि एक ही माह में दो अलग बिल जारी करना और शिकायत के बावजूद सुधार न करना सेवा में कमी है।
आयोग ने कंपनी को 45 दिनों में वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी करने के आदेश दिए। साथ ही 2,000 रुपए मानसिक क्षति और 2,000 रुपए वाद व्यय देने के निर्देश दिए।
शहर में अब तक करीब 23 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि इनसे बिजली बिल बढ़ रहा है। विरोध के चलते फिलहाल स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोक दिया गया है।
ये स्थिति केवल ग्वालियर शहर में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में बनी हुई है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद लगातार दो-तीन गुना बिल बढ़ने की शिकायतें बिजली विभाग तक पहुंच रही हैं।
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

क्या आपको लगता है कि यह टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?

लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
13 Feb 2026 08:26 am
टिप्पणियाँ (0)

टिप्पणियाँ (0)