AI-generated Summary, Reviewed by Patrika
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मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 44 दिन चला। इस कार्य में राजस्व अधिकतर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई। इस कारण राजस्व के काम थम हो गए। नामांतरण की फाइलें तहसील व पटवारियों के बीच फंसी रही और शिकायतों की जांच भी नहीं हुई। इससे राजस्व के प्रकरणों की सबसे ज्यादा पेडेंसी बढ़ी है। यदि नामांतरण की स्थिति देखी जाए तो जिले में नामांतरण, बटांकन, सीमांकन के 9 हजार से अधिक प्रकरण लंबित है। अब अमला मुक्त हो चुका है। इसमें राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर ध्यान रहेगा, क्योंकि 44 दिन की पेडेंसी काफी अधिक है।
दरअसल शहर सहित जिले में 4 नवंबर को मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ था। इस कार्य को करने करने के लिए 30 दिन का समय मिला था। इस समय सीमा को देखते हुए एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य राजस्व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। इस वजह से कार्यालय में अधिकारी नहीं बैठ सके। 18 दिसंबर को एसआइआर का कार्य खत्म हो गया था। 23 दिसंबर को प्रारंभिक सूचना जारी गई। इस कार्य के समाप्त होने के बाद ग्रोथ समिट में जुट गए। अब ग्रोथ समिट भी खत्म हो गई है।
शहर की तहसीलों में नामांतरण की स्थिति
- बड़ागांव में नई कॉलोनी विकसित हो रही है। रजिस्ट्री के बाद पक्षकार नामांतरण के लिए आवेदन किए। यहां पर 1 हजार 87 से ज्यादा नामांतरण के आवेदन लंबित है। जबकि सुपावली मुरार में 707 प्रकरण लंबित है।
- गिरवाई में नामांतरण के 404 आवेदनों पर फैसला नहीं हो सका है। पुरानी छावनी में 887 आवेदन लंबित है। इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नई कॉलोनी विकसित हुई है।
- गांव की तुलना में शहरी तहसीलों में पेडेंसी अधिक है। 8 हजार आवेदन नामांतरण के हैं और 1 हजार आवेदन बटांकन व सीमांकन है।
ये जांच भी होना है, पर ध्यान नहीं दिया गया
जन सुनवाई में लोगों ने रास्ता विवाद, सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की शिकायतें की गई। शिकायतों के बाद जांच की जानी है।
केस-1:राजेंद्र कुमार ने मुरार तहसील में नामांतरण के लिए आवेदन किया है। इनके आवेदन पर आगे की कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण प्लॉट का नामांतरण नहीं हो सका है।
केस-2: रामगोपाल को करही में अपनी जमीन का सीमांकन कराना है, लेकिन उन्हें सीमांकन के लिए सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। इसको लेकर जनसुनवाई में शिकायत भी की। मामला घाटीगांव तहसीलदार को भेज दिया।
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
29 Dec 2025 12:07 pm


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