
आशनाई के शक में पति ने पत्नी की गला दबाकर हत्या की, खुद थाने पहुंचकर किया समर्पण (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Suspicion Turns Fatal: जिले के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के सुरजीपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पति ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद थाने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। घटना के पीछे प्रेम प्रसंग का शक और पारिवारिक तनाव बताया जा रहा है। इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर गुलरिया निवासी नवीन शुक्ला उर्फ छगा (लगभग 30 वर्ष) का विवाह करीब सात वर्ष पहले सुरजीपुर गांव की अंजू (25 वर्ष) से हुआ था। शादी के बाद से नवीन अपने ससुराल में ही रह रहा था, क्योंकि अंजू के पिता सुरेश पांडेय के कोई पुत्र नहीं थे और उनके पास लगभग 35 बीघा कृषि भूमि थी। इसी कारण नवीन पिछले पांच वर्षों से “घरजमाई” के रूप में वहीं रह रहा था। बताया जाता है कि 13 जनवरी को अंजू गांव के एक युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस सक्रिय हुई और 19 जनवरी को उसे बरामद कर लिया गया। पूछताछ में अंजू ने पति के साथ रहने की सहमति दी, लेकिन घर लौटने के बाद पति-पत्नी के बीच अविश्वास और विवाद बढ़ते गए।
गांव वालों के अनुसार, अंजू के प्रेम प्रसंग की चर्चा के बाद घर में अक्सर झगड़े होते थे। नवीन को शक था कि अंजू का अपने कथित प्रेमी से संपर्क बना हुआ है। यही शक धीरे-धीरे गुस्से में बदलता गया। 30 जनवरी की शाम पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि नवीन ने अंजू का गला दबा दिया। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में अंजू की मां सुखरानी बाहर दुआरे पर बैठी थीं, लेकिन उन्हें अंदर हो रही वारदात की भनक तक नहीं लगी।
हत्या के बाद नवीन सीधे बेहटा गोकुल थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। उसके बयान से पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।
इस परिवार की रिश्तेदारी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जाता है कि नवीन के पिता ने अंजू की बड़ी बहन से विवाह किया था। बाद में नवीन का विवाह अंजू से हुआ। इस तरह रिश्तों का जाल पहले से ही जटिल था, और प्रेम प्रसंग के मामले ने हालात को और बिगाड़ दिया।
अंजू और नवीन के दो छोटे बच्चे हैं। मां की हत्या और पिता के जेल जाने से दोनों बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। गांव में हर कोई यही कह रहा है कि “बड़ों की लड़ाई में बच्चों की दुनिया उजड़ गई। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पारिवारिक विवादों और वैवाहिक तनाव को समय रहते संवाद और कानूनी प्रक्रिया से सुलझाया जाए, न कि हिंसा का रास्ता अपनाया जाए। गुस्से और शक ने एक परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला वैवाहिक विवाद और अवैध संबंध के शक से जुड़ा प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। बच्चों की देखभाल के लिए परिजनों से बात की जा रही है। घटना के बाद सुरजीपुर गांव में सन्नाटा पसरा है। लोग दबी जुबान में चर्चा कर रहे हैं कि यदि समय रहते परिवार और समाज ने बीच-बचाव किया होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
Updated on:
01 Feb 2026 12:37 pm
Published on:
01 Feb 2026 12:36 pm
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