13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Imported फल या पहाड़ी सेब, डॉक्टर ने बताया कौन सा सेब है आपकी सेहत के लिए अमृत और कौन सा सिर्फ दिखावा!

Imported Apples vs Indian Apples: क्या imported सेब सच में ज्यादा हेल्दी होते हैं? एक्सपर्ट के मुताबिक हिमाचल और कश्मीर के ताजे देसी सेब ज्यादा विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। जानिए पूरी सच्चाई।

Google source verification
पूरी खबर सुनें
  • 170 से अधिक देशों पर नई टैरिफ दरें लागू
  • चीन पर सर्वाधिक 34% टैरिफ
  • भारत पर 27% पार्सलट्रिक टैरिफ
पूरी खबर सुनें
Imported Apples vs Indian Apples

Imported Apples vs Indian Apples (Photo- gemini ai)

Imported Apples vs Indian Apples: भारतीय सुपरमार्केट में imported स्टिकर लगे सेब को लोग अक्सर ज्यादा हेल्दी और प्रीमियम मानते हैं। लेकिन एक्सपर्ट की मानें तो सच्चाई इससे बिल्कुल अलग हो सकती है। Dr Sudhir Kumar, जो न्यूरोलॉजिस्ट हैं, बताते हैं कि महंगे विदेशी सेब खरीदकर आप कम पोषण भी ले सकते हैं। उन्होंने X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि लोकल सेब कई मामलों में ज्यादा फायदेमंद होते हैं।

फ्रेश दिखने का मतलब हेल्दी होना नहीं

आजकल तकनीक की मदद से सेब महीनों तक चमकदार और ताजे दिखते हैं। लेकिन अंदर मौजूद पोषण धीरे-धीरे कम हो जाता है। खासतौर पर विटामिन-C बहुत संवेदनशील होता है। लंबे समय तक स्टोरेज में रखने पर सेब अपने विटामिन-C का बड़ा हिस्सा खो सकते हैं। विदेश से आने वाले सेब हजारों किलोमीटर की यात्रा करते हैं और हफ्तों तक ट्रांजिट में रहते हैं। वहीं Himachal Pradesh और Kashmir से आने वाले सेब जल्दी बाजार तक पहुंचते हैं, जिससे उनका पोषण बेहतर बना रहता है।

हिमालयी सेब में ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट

भारतीय पहाड़ी इलाकों के सेब खासतौर पर एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद प्राकृतिक तत्व दिल की सेहत सुधारने और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करते हैं। कई हिमाचली और कश्मीरी सेबों का गहरा लाल रंग इस बात का संकेत है कि उनमें एंथोसायनिन जैसे शक्तिशाली तत्व मौजूद हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं।

Imported फल की छिपी हुई कीमत

विदेशी फल सिर्फ जेब पर भारी नहीं पड़ते, बल्कि पर्यावरण पर भी असर डालते हैं। लंबी दूरी तक शिपिंग में भारी कार्बन उत्सर्जन होता है। इसके विपरीत, लोकल फल खरीदने से भारतीय किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलता है। आपका पैसा देश के भीतर ही रहता है।

हेल्दी रहना है तो लोकल चुनें

डॉक्टर की सलाह साफ है, चमकदार वैक्स और imported टैग देखकर भ्रमित न हों। ज्यादा विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट पाने के लिए ताजे और लोकल सेब चुनें। रोज एक सेब खाना अच्छी आदत है, लेकिन अगर वह ताजा और स्थानीय हो, तो आपकी सेहत को और ज्यादा फायदा मिलता है।

राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

अभी चर्चा में
(35 कमेंट्स)

User Avatar

आपकी राय

आपकी राय

क्या आपको लगता है कि यह टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?

लव सोनकर

लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


ट्रेंडिंग वीडियो

टिप्पणियाँ (0)

पत्रिका ने चुना

टिप्पणियाँ (0)

पत्रिका ने चुना
कोई टिप्पणी नहीं है। पहले टिप्पणी करने वाले बनें!