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Chocolate Day: ज्यादा कोको वाली चॉकलेट सेहत के लिए सच में फायदेमंद या सिर्फ दिखावा?

Chocolate Day: आजकल बाजार में 70%, 85% और यहां तक कि 100% कोको वाली डार्क चॉकलेट खूब बिक रही है। लोग इसे हेल्दी समझकर खा रहे हैं। लेकिन क्या ज्यादा कोको वाली चॉकलेट सच में सेहत के लिए अच्छी होती है या ये सिर्फ एक नया ट्रेंड है?

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भारत

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Charvi Jain

Feb 07, 2026

World Chocolate Day

World Chocolate Day (source: gemini)

Chocolate Day: 70% से ज्यादा कोको वाली चॉकलेट को लोग सेहत का साथी मानकर खा रहे हैं, लेकिन क्या यह वाकई दिल, दिमाग और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद है या सिर्फ एक हेल्थ ट्रेंड बन चुका है? जानिए ज्यादा कोको वाली चॉकलेट के फायदे, नुकसान

दिल और दिमाग को क्या फायदा मिलता है?

डार्क चॉकलेट में कोको ज्यादा होता है और शुगर कम। कोको में ऐसे तत्व होते हैं जो दिल को मजबूत रखने में मदद करते हैं। इसे सही क्वांटिटी में खाने से ब्लड प्रेशर थोड़ा कंट्रोल में रह सकता है और कोलेस्ट्रॉल भी बैलेंस होता है।
इसके अलावा डार्क चॉकलेट में थोड़ी क्वांटिटी में कैफीन और थियोब्रोमाइन भी होता है, जिससे दिमाग थोड़ा एक्टिव हो जाता है। इसलिए कई लोगों को डार्क चॉकलेट खाने के बाद फ्रेश और अच्छा महसूस होता है।

मूड और थकान पर कैसे असर करती है चॉकलेट?

चॉकलेट खाते ही फील-गुड वाले हार्मोन्स एक्टिव हो जाते हैं, जो हमें तुरंत खुशी का एहसास कराते हैं। यही वजह है कि उदासी, टेंशन या थकान में चॉकलेट खाने का मन करता है। ज्यादा कोको वाली चॉकलेट मूड को थोड़ा बेहतर कर सकती है और स्ट्रेस कम महसूस होता है। लेकिन ध्यान रखें, ये असर कुछ समय के लिए ही होता है।

कितनी चॉकलेट खाना सही है?

  • रोजाना 20-30 ग्राम काफी है।
  • 70% से 85% कोको वाली डार्क चॉकलेट बेहतर मानी जाती है।

डार्क चॉकलेट के नुकसान-

  • ज्यादा खाने से पेट में गैस और एसिडिटी हो सकती है।
  • चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है।
  • रात में नींद खराब हो सकती है।
  • मुंह में छाले हो सकते हैं।
  • खाली पेट खाने से पेट में दर्द।
  • ज्यादा लेने से किडनी स्टोन का रिस्क बढ़ सकता है।
  • डार्क चॉकलेट से एलर्जी या स्किन रैश भी हो सकते हैं।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।