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दलाई लामा को ‘स्पोकन वर्ड एल्बम’ के लिए मिला पहला ग्रैमी अवॉर्ड, 10 ट्रैक्स के जरिए दिया शांति, करुणा और एकता का संदेश

Dalai Lama Grammy Award 2026: तिब्बत के धर्मगुरु दलाई लामा को 68वें ग्रैमी अवॉर्ड में उनके पहले ग्रैमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। चलिए जानते हैं आखिर किस एल्बम के लिए उन्हें ये अवॉर्ड मिला है।

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Dalai Lama Grammy Award 2026

Dalai Lama (सोर्स- dalailama)

Dalai Lama Grammy Award 2026: दुनिया को शांति, करुणा और अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने अब संगीत और कला की दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपनी जीत का परचम लहराया है। लॉस एंजेलिस में आयोजित 68वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कार (68th Grammy Awards) समारोह में दलाई लामा ने अपना पहला अवॉर्ड जीता है। चलिए जानते हैं आखिर किस एल्बम और कैटेगरी में उन्हें ये अवॉर्ड दिया गया है।

दलाई लामा को किस कैटेगरी में मिला ग्रैमी अवॉर्ड? (Dalai Lama Grammy Award)

90 साल के दलाई लामा को ये अवॉर्ड 'बेस्ट ऑडियो बुक, नैरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग' की कैटेगरी में दिया गया है। उनके इस एल्बम में मेडिटेशन की गहरी बारीकियों और जीवन के लिए उनके अनुभवों को शेयर किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस जीत के साथ ही वो फेमस फिल्म निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग और के-पॉप सितारों की उस लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने इस साल पहली बार ग्रैमी अपने नाम किया है।

किस एल्बम के लिए मिला अवॉर्ड? (Dalai Lama Grammy Award 2026)

बता दें तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को उनके स्पोकन वर्ड एल्बम 'मेडिटेशन्स द रिफ्लेक्शन्स ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा' के लिए पहला ग्रैमी अवार्ड मिला है। इस एल्बम में दलाई लामा ने सरोद के दिग्गज उस्ताद अमजद अली खान और उनके बेटे अमान अली बंगश और अयान अली बंगश के साथ काम किया है। साथ ही कबीर सहगल ने भी अपना योगदान दिया है। ये एल्बम बोले गए विचारों और मधुर संगीत के जरिए शांति, करुणा और आशा के संदेश को श्रोताओं तक पहुंचाती है।

10 ट्रैक्स के साथ रिलीज की गई एल्बम

इस एल्बम को 10 अलग-अलग ट्रैक्स में रिलीज किया गया। दलाई लामा के विचारों को अमजद अली खान, कबीर सहगल, और अमान अली बंगश और अयान अली बंगश के म्यूजिक के साथ मिक्स करके रिलीज किया गया है। इन ट्रैक्स के नाम कुछ इस तरह है- हार्ट, वननेस, काइंडनेस, हार्मनी, वॉटर, माइंड, हेल्थ, पीस, एसेंस और जर्नी।

इसमें गीत नहीं बल्कि समाज को देने वाले अहम और जरूरी ऑडियो मैसेज शामिल है। एल्बम का मूल उद्देश्य सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों जैसे शांति, करुणा, एकता, दया और मानवीय एकात्मता को सुनने वालों तक पहुंचाना है। ये संगीत और शब्दों को इस तरह से मिलाता है कि श्रोता को मन की शांति और सूक्ष्म चिंतन का अनुभव हो।

चीन को लगी मिर्ची?

सोमवार को चीन ने दलाई लामा को दिए गए ग्रैमी अवॉर्ड पर आपत्ति जताई। चीनी सरकार ने आरोप लगाया कि इस सम्मान का इस्तेमाल ‘चीन विरोधी गतिविधियों’ को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, जिसका वो कड़ा विरोध करती है।

मीडिया को संबोधित करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि दलाई लामा को सिर्फ एक धार्मिक गुरु के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, वो धर्म का सहारा लेकर चीन के खिलाफ अलगाववादी राजनीति में सक्रिय एक निर्वासित व्यक्ति हैं। लिन जियान ने साफ किया कि चीन किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच या पुरस्कार को देश विरोधी एजेंडे के लिए इस्तेमाल किए जाने के सख्त खिलाफ है। दलाई लामा को सम्मान दिए जाने पर मंत्रालय से जब प्रतिक्रिया मांगी गई, तो प्रवक्ता ने दोहराया कि 90 साल के आध्यात्मिक नेता धर्म के नाम पर विभाजनकारी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं।

ग्रैमी जीत पर दलाई लामा की प्रतिक्रिया

ग्रैमी अवॉर्ड मिलने के बाद दलाई लामा ने इसे अपनी व्यक्तिगत सफलता मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ये सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी मानवता की साझा जिम्मेदारी को पहचानने जैसा है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दलाई लामा ने कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि वह इसे विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि उनके अनुसार शांति, करुणा, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और मानव एकता की भावना आज की दुनिया के लिए बेहद जरूरी है। दलाई लामा ने विश्वास जताया कि ये ग्रैमी अवॉर्ड उनके विचारों और संदेशों को वैश्विक स्तर पर और अधिक लोगों तक पहुंचाने में मददगार साबित होगा, जिससे दुनिया की भलाई के लिए पॉजिटिव डायलॉग को बल मिलेगा।