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अभिभावकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने की सलाह

उडुपी जिला शिक्षा क्षेत्र में लगातार राज्य में अग्रणीछात्रों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यह बात उडुपी जिलाधिकारी स्वरूपा टी. के. ने हेडमास्टर्स की जिला स्तरीय बैठक का उद्घाटन करते हुए कही। बैठक का आयोजन डीडीपीआई कार्यालय और हेडमास्टर्स एसोसिएशन, उडुपी द्वारा […]

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परीक्षा परिणामों में सुधार

परीक्षा परिणामों में सुधार

उडुपी जिला शिक्षा क्षेत्र में लगातार राज्य में अग्रणी
छात्रों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यह बात उडुपी जिलाधिकारी स्वरूपा टी. के. ने हेडमास्टर्स की जिला स्तरीय बैठक का उद्घाटन करते हुए कही। बैठक का आयोजन डीडीपीआई कार्यालय और हेडमास्टर्स एसोसिएशन, उडुपी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी परीक्षा परिणामों में सुधार सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी ने कहा कि उडुपी जिला शिक्षा क्षेत्र में लगातार राज्य में अग्रणी रहा है और इस वर्ष भी 100 प्रतिशत परिणाम हासिल कर इस परंपरा को जारी रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 274 हाई स्कूल हैं, जिनमें 115 सरकारी, 68 अनुदानित तथा 91 निजी स्कूल शामिल हैं। वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में 13,480 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है, जिनमें 6,880 लड़के और 6,600 लड़कियां शामिल हैं। अब तक दो तैयारी परीक्षाएं आयोजित हो चुकी हैं, जिनमें औसतन 77.8 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। राज्य स्तरीय तैयारी परीक्षा में अब लगभग 12 दिन शेष हैं। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने स्कूलों को नियमित टेस्ट, अतिरिक्त रिवीजन क्लास तथा अभिभावकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने की सलाह दी।

अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता
उन्होंने कहा कि कमजोर छात्रों की विशेष पहचान कर उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता दी जानी चाहिए। बैठक में शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों ने भी परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी साझा की। कई स्कूलों ने शाम के समय अतिरिक्त कक्षाएं तथा व्यक्तिगत मार्गदर्शन कार्यक्रम शुरू किए हैं। शिक्षा अधिकारियों का मानना है कि यदि स्कूल और अभिभावक मिलकर प्रयास करें तो इस वर्ष जिले का परीक्षा परिणाम और बेहतर हो सकता है। बैठक के अंत में सभी स्कूलों ने बेहतर परिणाम लाने का संकल्प लिया।