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इंदौर, Jun 05, 2026

उच्चतर वेतनमान पर इंदौर हाईकोर्ट का सख्त फैसला, तय की कर्मचारियों की पात्रता तिथि

Indore Highcourt- न्यायिक रूप से तय सेवा गणना को प्रशासनिक स्तर पर नहीं खोला जा सकता, विभाग द्वारा जारी आदेश को निरस्त कर दिया

Indore High Court determines eligibility date for employees regarding higher pay scale

Indore High Court determines eligibility date for employees regarding higher pay scale

Higher Pay Scale- इंदौर हाईकोर्ट ने सार्वजनिक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के एक कर्मचारी की याचिका पर महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए विभाग द्वारा जारी आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें तीसरे उच्चतर वेतनमान की पात्रता तिथि को तीन वर्ष आगे बढ़ा दिया गया था। जस्टिस जय कुमार पिल्लई की कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि न्यायिक रूप से तय हो चुकी सेवा गणना को प्रशासनिक स्तर पर मनमाने तरीके से दोबारा नहीं खोला जा सकता।

6 नवंबर 2023 को जारी आदेश में पात्रता तिथि बदलकर 12 सितंबर 2022 कर दी

मामला नीमच के सत्यनारायण सूत्रकार का है। उन्हें 12 सितंबर 1989 को हैंडपंप मैकेनिक के पद पर नियुक्त किया था। विभाग ने प्रारंभ में प्रथम एवं द्वितीय समयमान वेतनमान का लाभ दिया और 25 जुलाई 2023 के आदेश से तीसरे उच्चतर वेतनमान की पात्रता 12 सितंबर 2019 से मान्य की गई। 6 नवंबर 2023 को जारी आदेश में पात्रता तिथि बदलकर 12 सितंबर 2022 कर दी। तर्क दिया कि उनकी प्रारंभिक तीन वर्ष की सेवा कलेक्टर रेट पर होने के कारण मान्य नहीं है।

इसके खिलाफ सत्यनारायण सूत्रकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनकी ओर से दलील दी गई कि यह आदेश राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण के निर्णय के खिलाफ है, जिसमें उनकी सेवा 12 सितंबर 1989 से निरंतर मानी गई थी। साथ ही वित्त विभाग के 2020 के परिपत्र का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट है कि तीसरे समयमान वेतनमान की गणना प्रारंभिक नियुक्ति तिथि से की जाएगी, चाहे प्रारंभिक नियुक्ति कलेक्टर रेट पर ही क्यों न रही हो।

सरकार की ओर से विरोध करते हुए कहा गया कि प्रारंभिक तीन वर्ष की सेवा अपात्र है, क्योंकि 1982 की अधिसूचना के अनुसार नियमित वेतनमान का लाभ तीन वर्ष बाद मिलता है।

नियुक्ति तिथि और सेवा गणना को पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका

कोर्ट ने फैसले में कहा, जब किसी कर्मचारी की नियुक्ति तिथि और सेवा गणना को न्यायिक आदेश के तहत पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका हो और उसे विभाग ने स्वीकार भी कर लिया हो तो प्रशासन निर्णय को दोबारा खोल नहीं सकता। कोर्ट ने 6 नवंबर 2023 का आदेश रद्द करते हुए निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता को 12 सितंबर 2019 से तीसरे उच्चतर वेतनमान का लाभ दिया जाए तथा एरियर सहित देय राशि का 90 दिन में भुगतान हो।

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