
high court summons indore zone-2 dcp (फोटो-Patrika.com)
High Court Summons DCP: डेढ़ साल पहले हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों की वर्दी पर बॉडी कैम (कैमरे) लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन पालन नहीं हुआ। इस पर जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की कोर्ट ने चिंता जाहिर की और इंदौर पुलिस के डीसीपी जोन-2 को 25 फरवरी को तलब किया है। डीसीपी से पूछा है कि इंदौर में पुलिस की वर्दी पर बॉडी कैम क्यों नहीं लगाया जा सकता। (MP News)
हर्ष जावरिया द्वारा दायर याचिका में आरोप है कि 28 दिसंबर 2025 की रात वे बॉम्बे हॉस्पिटल के सामने स्थित रेस्टोरेंट में मित्रों के साथ चाय पीने गए थे। दोगुने थे। दोगुने पैसे मांगने पर उनकी होटल संचालक से बहस हुई। होटल संचालक ने लसूड़िया थाने से पुलिस बुला ली। वहां पहुंचे जवान उत्कर्ष उर्फ उज्ज्वल गुरुनंग और नागेंद्र सिंह पंडोलिया ने उनसे मारपीट की। थाने लाकर भी वहां पीटा, जहां सीसीटीवी नहीं थे। उनके मोबाइल से घटना से जुड़े फोटो-वीडियो डिलीट कर जेब से 2400 रुपए निकाल लिए।
29 दिसंबर को डीसीपी से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट में उन्होंने कुछ फोटो पेश किए, जिसमें उसके शरीर पर चोटों के निशान दिख रहे हैं। कोर्ट ने माना कि यदि उनके पूर्व में जारी आदेशों का पालन होता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। कोर्ट ने पुराने आदेश का पालन नहीं करने को लेकर डीसीपी के माध्यम से जवाब मांगा है। सरकारी वकील को पुलिस अफसरों से निर्देश लेकर कोर्ट में रखने को कहा है।
19 सितंबर 2024 को एक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि राज्य सरकार को पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरा देने के बारे में भी सोचना चाहिए। कम से कम बड़े शहरों के कुछ पुलिस स्टेशनों की पुलिस फोर्स को यह उपलब्ध कराए जाएं। पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए। इस ऑर्डर की कॉपी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, रेडियो भोपाल को भेजी जाए, ताकि पालन हो सके। इसका सार राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों तक पहुंचाया जाए। (MP News)
Published on:
12 Feb 2026 01:44 am
