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हो गया किनारा, छुट्टी लेकर आखिरी दांव लगा रहे कैलाश…!

MP News: चर्चा है कि आंखिरी दांव लगाया जा रहा है....। हालांकि, कुछ भी अधिकृत नहीं है।

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Urban Administration Minister Kailash Vijayvargiya

Urban Administration Minister Kailash Vijayvargiya (फोटो सोर्स: X हैंडल)

MP News: लंबे समय तक सत्ता की धुरी रहे नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की छुट्टी इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। यह छुट्टी ऐसे समय ली गई जब भागीरथपुरा में दूषित जल के कारण लगातार मौत का सिलसिला चल रहा है, भोजशाला मामले को लेकर धार को अपने प्रभारी मंत्री की जरूरत थी, लेकिन वे नहीं थे। कैलाश को लेकर काफी समय से अटकलें चल रही हैं। सत्ता के प्रमुख लोगों से पटरी नहीं बैठने की बातें कई बार सामने आई, चर्चा थी कि हाथ कट गए हैं, समर्थक भी असंतुष्ट थे।

सत्ता में पूछपरख नहीं

समर्थकों के बीच चर्चा रहती है कि एक समय ऐसा था कि एक इशारे में बड़े-बड़े अफसरों को बदलाने वाले मंत्री के कहने पर जोनल अधिकारी व टीआइ तक नहीं बदलता है। हालांकि पिछले कुछ समय में कई ऐसे उदाहरण भी आए जिससे साफ लगता था, अब सत्ता में पूछपरख नहीं है।

भागीरथपुरा में दूषित पानी को लेकर जब मौतें हुईं, सैकड़ों लोग बीमार हुआ तो कैलाश विजयवर्गीय विवाद में घिरे। जिन पर प्रदेशभर की जिम्मेदारी थी, वे अपने इलाके के लोगों को ही स्वच्छ पानी देने की जिम्मेदारी नहीं निभा पाए। एक पत्रकार को कहे अपशब्द ने तो देश में कठघरे में खड़ा कर दिया, पहली बार खुलकर अंगुलियां उठीं, जिसका जवाब किसी के पास नहीं था।

छुट्टी पर चले गए ….

धार भोजशाला में बसंत पंचमी में पूजा व नमाज को लेकर टकराव की स्थिति बनने लगी तो वहां से प्रभारी मंत्री गायब थे। इस बीच सूचना प्रसारित कर दी जाती है कि कैलाश विजयवर्गीय कुछ दिन छुट्टी पर चले गए हैं। न भागीरथपुरा में नजर आते हैं और ना ही धार में। महत्वपूर्ण बैठक में भी उपस्थिति नहीं रहती है। इस बीच नजर आते हैं तो संघ के ऑफिस में। इससे भी साफ है कि सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। चर्चा है कि आंखिरी दांव लगाया जा रहा है….। हालांकि, कुछ भी अधिकृत नहीं है।

लगाए जा रहे कयास

काफी समय से चर्चा है कि 'कटे हाथ' के कारण मंत्रिमंडल से मोह भंग हो गया है, कोशिश दिल्ली कूच की है लेकिन अधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। इस बीच कुछ सार्वजनिक कार्यक्रम में उपस्थिति नजर आती है, लेकिन सत्ता के गलियारों में नहीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कभी ताकतवर कहने जाने वाली मंत्री की ताकत जा रही है, बचाने की अंतिम कोशिशें हो रही हैं, आने वाले समय में यह नजर भी आएगा। हालांकि शहर ही नहीं, प्रदेश भर में यह छुट्टी चर्चा का विषय बनी है और हर कोई अपने अपने हिसाब से कयास लगा रहा है।